
शिमला, जसपाल ठाकुर
हिमाचल प्रदेश को पीएम केयर फंड से मिले 322 आइसीयू वेंटीलेटर में से 144 का इस्तेमाल हो रहा है, जबकि अन्य बंद हैं। कोरोना की पहली लहर के दौरान गंभीर मरीजों के लिए 118 वेंटीलेटर का पहले से इस्तेमाल किया जा रहा था। पीएम केयर फंड से 178 पोर्टेबल वेंटीलेटर भी मिले हैं।
250 वेंटीलेटर केंद्र ने वापस मंगवा लिए हैं, इनकी जगह नए वेंटीलेटर मिलेंगे। अभी प्रदेश में कुल 618 वेंटीलेटर हैं। वर्तमान में कोविड मरीजों के लिए 262 आइसीयू वेंटीलेटर का इस्तेमाल किया जा रहा है। इनमें से 60 अब भी खाली हैं। पोर्टेबल वेंटीलेटरों का तभी इस्तेमाल होगा जब आइसीयू वेंटीलेटर भी भरे जाएंगे।
प्रदेश में सोमवार को 244 आइसीयू वेंटीलेटर का इस्तेमाल हो रहा था और मंगलवार को अठारह आइसीयू बिस्तरों को और बढ़ाया गया और अब कोविड मरीजों के लिए प्रदेश में 262 आइसीयू वेंटीलेटर का इस्तेमाल किया जा रहा है।
प्रदेश में कोरोना एक्टिव केस की संख्या 36 हजार है और इनमें से करीब पांच फीसद कोविड अस्पतालों व कोविड केयर केंद्रों में आक्सीजन की कमी व अन्य कारणों से उपचाराधीन हैं।
प्रदेश में आइसीयू वेंटीलेटर
- जिला,आइसीयू वेंटीलेटर,खाली
- चंबा, 19, 17
- मंडी, 50, 00
- सोलन, 17, 03
- कांगड़ा, 70, 00
- हमीरपुर, 06, 06
- बिलासपुर, 04, 04
- सिरमौर, 28, 00
- कुल्लू, 00, 00
- ऊना, 23, 23
- शिमला, 45, 07
- किन्नौर, 00, 00
- कुल, 262, 60
मरीजों का जिम्मा स्टाफ नर्सों पर
आइसीयू वेंटीलेटर के लिए प्रशिक्षित स्टाफ होना आवश्यक है। प्रशिक्षित चिकित्सकों की देखरेख में स्टाफ नर्सें मरीजों की निगरानी करती हैं। इसके लिए स्टाफ नर्सों व पैरामेडिकल स्टाफ को प्रशिक्षित किया गया है।
क्या कहते हैं अधिकारी
- विभागध्यक्ष एनसिथसिया आईजीएमसी शिमला डाक्टर एसएस सोढ़ी का कहना है वेंटीलेटर या आइसीयू बिस्तर में केवल उन्हीं मरीजों को रखने की आवश्यकता होती है जिनकी हालत बहुत गंभीर हो और सांस नहीं ले पा रहे हों। कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति को चाहिए कि बुखार की नियमित जांच करते रहें और पांच दिन में बुखार नहीं उतरता है तो अस्पताल में जांच को आएं और उपचार करवाएं। हर कोरोना मरीज को अस्पताल आने की आवश्यकता नहीं है।
- राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन हिमाचल प्रदेश के मिशन निदेशक डाक्टर निपुण जिंदल का कहना है वेंटीलेटर पर सभी मरीजों को रखने की आवश्यकता नहीं होती है। आवश्यकतानुसार वेंटीलेटरों की संख्या को बढ़ाया जा रहा है। जैसे-जैसे आवश्यकता होगी इनका इस्तेमाल किया जाएगा।
