कांगड़ा – राजीव जसवाल
माता बज्रेश्वरी देवी मंदिर के गुंबदों पर लगे कलशों पर सोने की परत चढ़ाई जा रही है यह भी पता लगाया जा रहा है कि पुराने लगे हुए कलश किस धातु के बने हैं।
अभी तक जो कलश उतारे गए हैं वे तांबे के थे उन्हें गोल्ड प्लेटेड कर दिया है। कुछ स्थानों पर कलश उतारने की प्रक्रिया पर लोगों ने आपत्ति भी जताई है।
उनका कहना है कि यह कलश हमारी ऐतिहासिक धरोहर हैं इन्हें वैज्ञानिक तरीके से प्रोफेशनल लोगों से हटवाया जाए उनका कहना है कि जो लोग उन्हें उतारने के लिए लगाए गए हैं वह प्रोफेशनल नहीं है। नतीजतन इन कलशों का महत्त्व खत्म हो रहा है।
मंदिर के पूर्व ट्रस्टी नरेंद्र शर्मा हैप्पी का कहना है कि हथौड़ी के साथ इन कलशों को तोड़ा जा रहा है इससे गुंबद की फाउंडेशन भी हिल रही है ऐसे में ऐतिहासिक धरोहर भी सुरक्षित नहीं रह रही है। पानी के रिसाव का भी खतरा है।

उनका कहना है कि कलशों पर सोने की परत चढ़ाना मंदिर प्रशासन का एक अच्छा निर्णय है, लेकिन यह वैज्ञानिक ढंग से हो ताकि मंदिर के ऐतिहासिक गुंबद की भव्यता और महत्त्वता बरकरार रहे।
मंदिर की खूबसूरती को लगेंगे चार चांद
मंदिर अधिकारी शिवाली ठाकुर का कहना है कि इस कार्य को पूरी शिद्दत के साथ पूरा करवाया जा रहा है। अभी तक जो कलश उतारे गए हैं उनकी जांच की गई है और यह तांबे के पाए गए हैं।
इन पर सोने की परत चढऩे का कार्य मकम्मल कर लिया है, जिस स्थान से वह उतारे गए थे वहां लगा दिए गए हैं। इन कलशों को उतारने के तरीके को लेकर कुछ लोगों को आपत्ति है, लेकिन इसका पूरा ध्यान रखा जा रहा है।
और कार्य करने वाले मजदूरों को यह हिदायत दी गई है कि उसे उचित ढंग से उतारा जाए। इन कलशों पर सोने की परत चढ़ जाने के बाद इनकी खूबसूरती भी बढ़ेगी और महत्त्व भी बढ़ेगा।

