ज्वाली – अनिल छांगू
ज्वाली विधान सभा क्षेत्र यानी कृषि एवं पशुपालन मंत्री चंद्र कुमार की गृह क्षेत्र की निकटवर्ती सड़क मतलाहड़ से गुगलाडा़ की खस्ता हालत देखने को मिल रही है। पांच छः किलोमीटर सड़क जगह -जगह से टूट चुकी है। मतलब खड्ड का रूप धारण कर चुकी है। कहीं कहीं तो मिनी तालाब बन गए है। ऐसे लगता है कि पशु पालन मंत्री ने बेरोजगारों के लिए रोजगार के अवसर पैदा किए हो।
बता दे इस सड़क पर वाहन चलाना तो दूर की बात रही, पैदल चलना भी खतरे से खाली नही है। इस सड़क पर पैदल चलने वाले राहगीर और दोपहिया वाहन बिल्कुल नही चल पाते क्योंकि जब कोई बड़ा वाहन यहां से गुजरता है तब पैदल चलने वाले, दोपहिया सवार कीचड़ से लथ-पथ हो जाते है और उनकी पहचान करना मुश्किल हो जाती है।
बड़े वाहन भी हिचकोले खाते हुए गुजरते है । बस में बैठी तंदुरुस्त सवारियों को भी काफी परेशानी झेलना पड़ती है। मरीज और बुजुर्ग व्यक्ति इस सड़क पर चलने वाली बसों में बैठना ही नहीं चाहते। इतना ही नहीं इस तालाब रूपी सड़क पर खड़े गंदे पानी ने आसपास बसने वाले लोगों की नाक में दम कर रखा है। जब बड़े वाहन यहां से गुजरते है तो गंदे छींटे उनके घरों तक दस्तक देते है । घर की दीवारों को गंदा किया जाता है।
गौरतलब है कि बरसात के दिनों में इस तरह पानी का खड़ा होना काफी भयानक बीमारियों को भी न्योता देता है। इसके प्रति स्वास्थ्य विभाग भी मौन है। अब सवाल यह उठता है कि इस इलाके में कोई भयानक बीमारी जन्म लेती है तो जिम्मेवार कौन होगा? लोक निर्माण विभाग या फिर स्वास्थ्य विभाग?
स्थानीय लोगों ने लोक निर्माण विभाग के मंत्री विक्रमादित्य और स्थानीय मंत्री चंद्र कुमार से गुहार लगाई है कि मतलाहड़ से गुगलाडा की सड़क की तुरंत सुध ली जाए ताकि लोग सड़क पर चलने वाले वाहन सवार राहत महसूस करें और आसपास के घरों वाले लोग भी गंदगी व भयानक बीमारी से बच सके।

