उजाड़े ही नहीं, बसाए भी जाएंगे एयरपोर्ट प्रभावित, बन गया पुनर्वास प्लान, रछियालु-जमानाबाद-चैतडू के आसपास चयनित की भूमि
हिमखबर डेस्क
कांगड़ा एयरपोर्ट विस्तारीकरण के लिए उजाडऩे से पहले प्रभावितों को बसाने का प्लान बन गया है। प्रभावितों को बसाने के लिए करीब 20 हेक्टेयर भूमि का चयन किया गया है। गगल व आसपास की पंचायतों के प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को बहुत दूर नहीं भेजा जाएगा, बल्कि आसपास के इलाकों में ही बसाने की योजना पर काम किया जा रहा है।
बसाने के लिए इस बात का भी ख्याल रखा जाएगा कि लोगों को उनके अपनों से दूर न किया जाए। अधिकतर लोगों को उनके अपने समुदाय के लोगों के साथ ही बसाया जाएगा। प्रारंभिक दौर में रछियालु, जमानाबाद, चैतडू व साथ लगते खाली क्षेत्रों में अलग अलग भू-खंडों पर योजनाबद्ध तरीके से बसाया जाएगा।
सरकारी योजना के तहत छह छह मरले के सभी सुविधाओं से लैस प्लॉट बनाए जाएंगे। प्रभावितों को सडक़, बिजली, पानी व सीवरेज से लेकर तमाम सारी सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी।
करीब 2900 लोग हवाई अड्डे के विस्तारीकरण से प्रभावित हो रहे हैं, जबकि 937 घर इसकी जद में आएंगे, 495 व्यापारिक संस्थान भी हवाई अड्डे के विस्तार से प्रभावित हो रहे हैं। 450 गोशालाएं उखडऩे वाली हैं। अनुसूचित जाति के करीब 171 परिवार इस विस्तार से विस्थापित हो रहे हैं।
कोई परिवार छूटा, तो 15 जनवरी को होगी जनसुनवाई
प्रशासन ने हवाईअड्डे के विस्तार के कारण प्रभावित हो रहे लोगों की सूची तैयार कर ली है। प्रशासन द्वारा अभी तक तैयार किए गए डाटा के अलावा भी कोई व्यक्ति या परिवार छूट रहा हो, तो इसके लिए जिला प्रशासन ने 15 जनवरी को जनसुनवाई का कार्यक्रम रखा है, ताकि एयरपोर्ट विस्तारीकरण के दायरे में आने वाला कोई भी व्यक्ति या परिवार छूट न जाए।
सभी के लिए राहत एवं पुनर्वास की व्यवस्था हो सके, इसके लिए विशेष योजना के तहत को चल रहा है। जिला प्रशासन द्वारा प्रभावितों की सूचियों को भी पब्लिश कर दिया है, ताकि सभी को पूरी जानकारी मिल सके। सरकार व प्रशासन मार्च माह तक प्रभावितों को धनराशि मुहैया करवाने की योजना पर काम कर रही है।
बताया जा रहा है कि विस्थापन का दंश झेलने वाले लोग भविष्य में किसी भी तरह से परेशान न हों, इसके लिए उन्हें उपयुक्त धनराशि मुहैया करवाई जाएगी। उधर, एडीएम कांगड़ा रोहित राठौर का कहना है कि प्रशासन इस बात को सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहा है कि सभी को उचित सुविधा मिले।
15 जनवरी को जन सुनवाई रखी गई है। इसमेें भी लोग राहत एवं पुनर्वास के लिए अपने सुझाव दे सकते हैं। प्रशासन पुनर्वास के लिए भी विशेष योजना पर काम कर रहा है। बहरहाल गगल के आसपास के गांवों में एयरपोर्ट के विस्तार के साथ फोरलेन को लेकर भी लोगों में चर्चाओं का माहौल गर्म है।

