CBSE स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती पर सरकार ने स्पष्ट की स्थिति, यह पैटर्न अपनाया जाएगा

--Advertisement--

हिमखबर डेस्क

प्रदेश के सीबीएसई पैटर्न वाले सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर चल रही तमाम अटकलों पर शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने विराम लगा दिया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि सरकार का स्टैंड पूरी तरह स्पष्ट है और सीबीएसई स्कूलों में भर्ती सिर्फ और सिर्फ मैरिट के आधार पर होगी। मुख्यमंत्री की मंजूरी मिलते ही नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

गुरुवार को राज्य सचिवालय में पत्रकारों से बातचीत के दौरान शिक्षा मंत्री ने कहा कि सीबीएसई स्कूलों के लिए गठित चार सदस्यीय कैबिनेट सब-कमेटी की बैठक में लिए गए फैसलों को अब मुख्यमंत्री के समक्ष रखा जाएगा। यदि आवश्यकता पड़ी तो इन प्रस्तावों को कैबिनेट में भी लाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से की गई पूरी प्रक्रिया को उच्च न्यायालय भी सही ठहरा चुका है। रोहित ठाकुर ने बताया कि 150 प्रिंसिपलों की नियुक्ति के लिए सूची तैयार कर ली गई है और करीब 95 फीसदी प्रिंसिपलों ने अपनी पसंद के स्कूल भी तय कर दिए हैं। मुख्यमंत्री की मंजूरी मिलते ही पहले प्रिंसिपलों और उसके बाद मैरिट के आधार पर शिक्षकों की नियुक्तियां शुरू कर दी जाएंगी।

उन्होंने कहा कि सीबीएसई स्कूलों में नई नियुक्तियों के बाद मौजूदा शिक्षकों के तबादलों को लेकर किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। शिक्षा विभाग में पहले से बड़ी संख्या में पद खाली हैं, जहां इन शिक्षकों को समायोजित किया जाएगा। शिक्षा मंत्री ने दावा किया कि सरकार की स्कूल मर्जर नीति के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश भर में करीब 16 हजार विद्यार्थियों का नया नामांकन हुआ है, जिससे स्पष्ट है कि लोग सरकारी सीबीएसई स्कूलों पर भरोसा जता रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस वर्ष पांच से कम विद्यार्थियों वाले 30 से 35 स्कूल बंद किए गए हैं, जबकि निर्धारित दूरी और बेहद कम छात्र संख्या वाले 60 से 70 स्कूलों का मर्जर किया गया है। करीब 35 ऐसे स्कूल थे, जहां एक भी विद्यार्थी नामांकित नहीं था, उन्हें भी बंद कर दिया गया।

स्कूलों में अतिथि भोज एक बढिय़ा पहल

शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने बताया कि सरकारी स्कूलों में अब अतिथि भोज की नई पहल भी शुरू की जा रही है। इसके तहत कोई भी व्यक्ति विवाह, जन्मदिन, सेवानिवृत्ति या अन्य शुभ अवसर पर स्कूल में बच्चों के लिए पौष्टिक भोजन प्रायोजित कर सकेगा।

क्वालीटी एजुकेशन को लेकर लागू होगा जम्मू मॉडल

जम्मू-कश्मीर के हालिया अध्ययन दौरे का उल्लेख करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि वहां के शिक्षा मॉडल का गहन अध्ययन किया गया है। दूरदराज क्षेत्रों में एक वर्ष के लिए शिक्षकों की नियुक्ति और जिला स्तर पर ऑनलाइन स्कूल निरीक्षण जैसी व्यवस्थाएं प्रभावी हैं। इन मॉडलों की उपयोगी व्यवस्थाओं को जल्द ही हिमाचल में भी लागू करने की दिशा में काम किया जाएगा।

--Advertisement--
--Advertisement--

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

--Advertisement--

Popular

More like this
Related

1.09 किलो चरस छिपाकर ले जा रहे 2 युवक गिरफ्तार

हिमखबर डेस्क बिलासपुर पुलिस की स्पैशल डिटैक्शन टीम ने 2...

अमेरिका के मोटल में लगी भीषण आग, भारतीय दम्पति और बेटी की मौत

हिमखबर डेस्क अमेरिका के Ohio राज्य में एक मोटल में...

काँगड़ा में सिक्यूरिटी गार्ड एवं सुपरवाइजर के 150 पदों के लिए साक्षात्कार 6 से 10 जुलाई तक

हिमखबर डेस्क क्षेत्रीय रोजगार अधिकारी अक्षय कुमार ने सूचित किया...