हिमखबर डेस्क
कोलकाता में आयोजित 27वीं सब जूनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप में हिमाचल प्रदेश की होनहार बेटियों अर्चिता और श्रेया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एक बार फिर प्रदेश की झोली में स्वर्ण पदक डाल दिया। दोनों खिलाड़ियों की इस उपलब्धि से जिला बिलासपुर में खुशी की लहर है।
लगातार दूसरी राष्ट्रीय चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन कर अर्चिता और श्रेया ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। इससे पहले हैदराबाद में आयोजित 26वीं सब जूनियर नेशनल चैंपियनशिप में भी अर्चिता और श्रेया ने डबल स्कल स्पर्धा में हिमाचल प्रदेश के लिए ऐतिहासिक स्वर्ण पदक हासिल किया था। अब कोलकाता में एक बार फिर स्वर्ण पदक जीतकर दोनों खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान कायम की है।
बर्माणा में सीखी रोइंग की शुरुआती बारीकियां
अर्चिता और श्रेया ने रोइंग की शुरुआती ट्रेनिंग बिलासपुर के बर्माणा स्थित साई एसटीसी वाटर स्पोर्ट्स एक्सटेंशन सेंटर में प्राप्त की। यहां उन्होंने कोच मनीषा और संजीव सिंह के मार्गदर्शन में रोइंग की बारीकियां सीखीं और कड़ी मेहनत के दम पर राष्ट्रीय स्तर तक का सफर तय किया।
दोनों खिलाड़ियों के लगातार बेहतर प्रदर्शन को देखते हुए पिछले वर्ष उनका चयन केरल स्थित नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (एनसीओई) के लिए हुआ। वर्तमान में दोनों खिलाड़ी वहीं रहकर उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिमाचल का प्रतिनिधित्व कर रही हैं।
मेहनत और अनुशासन से हासिल की सफलता
कोच मनीषा ने कहा कि अर्चिता और श्रेया ने अपनी मेहनत, लगन और अनुशासन के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर लगातार सफलता हासिल की है। दोनों खिलाड़ियों की उपलब्धि से न केवल हिमाचल प्रदेश, बल्कि बिलासपुर जिले का नाम भी रोशन हुआ है।
उन्होंने कहा कि हिमाचल की बेटियां रोइंग के क्षेत्र में लगातार शानदार प्रदर्शन कर रही हैं। अर्चिता और श्रेया जिस तरह राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रही हैं, उससे उम्मीद है कि आने वाले समय में दोनों खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी देश और प्रदेश का नाम रोशन करेंगी।
अर्चिता और श्रेया की इस उपलब्धि ने एक बार फिर साबित किया है कि अगर बेटियों को सही प्रशिक्षण, सुविधाएं और अवसर मिलें तो वे राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हिमाचल का नाम चमका सकती हैं।

