हिमखबर डेस्क
हिमाचल सरकार ने इन सर्विस टीचर्स के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को लेकर अहम निर्देश जारी किए हैं। यह फैसला सर्वोच्च न्यायालय के 1 सितंबर 2025 के निर्णय तथा 29 मई, 2026 को पारित पुनर्विचार आदेश के अनुपालन में लिया गया है, जिसमें कार्यरत शिक्षकों को टीईटी उत्तीर्ण करने के लिए दी गई समयसीमा दो वर्ष से बढ़ाकर तीन वर्ष कर दी गई है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिन कार्यरत शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्य है, उन्हें 31 अगस्त, 2028 तक यह परीक्षा उत्तीर्ण करनी होगी। इसके लिए प्रारंभिक शिक्षा विभाग को ऐसे सभी शिक्षकों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं, जिन्होंने अभी तक टीईटी पास नहीं किया है।
सरकार ने सभी उपनिदेशकों, खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारियों (बीईईओ), विद्यालय प्रमुखों तथा संबंधित शिक्षकों को निर्देश दिए हैं कि वे सुनिश्चित करें कि सभी पात्र शिक्षक निर्धारित समय सीमा के भीतर टीईटी उत्तीर्ण करें।
साथ ही हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड, धर्मशाला के साथ समन्वय स्थापित कर कार्यरत शिक्षकों के लिए वर्ष में कम से कम दो बार विशेष टीईटी परीक्षा आयोजित करने तथा परीक्षा कार्यक्रम का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
शिक्षा विभाग ने इस पूरे मामले को अत्यावश्यक और समयबद्ध बताते हुए संबंधित अधिकारियों से तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने और विभाग को बिना विलंब कार्रवाई रिपोर्ट भेजने को कहा है।

