संसद मार्च में घायल छात्र को मीडिया के सामने लाए राहुल गांधी, टी-शर्ट उठाकर दिखाए घाव
हिमख़बर डेस्क
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कॉकरोच जनता पार्टी के प्रोटेस्ट के दौरान घायल हुए एक छात्र के साथ मीडिया से बात की। राहुल ने कहा कि युवक तिरंगा लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहा था, लेकिन उस पर पेलेट गन चलाई गई।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कह रही है कि पेलेट गन का इस्तेमाल नहीं हुआ, जबकि पीडि़त इसकी गवाही दे रहा है। उन्होंने दावा किया कि छात्र के ऊपर पुलिस ने पैलेट गन का इस्तेमाल किया है।
इसकी वजह से उसकी एक आंख में बुरी तरह चोट आई है। डॉक्टर्स भी अभी तक इस तह पर नहीं पहुंचे हैं कि उसकी आंख बचेगी भी या नहीं।
इसके साथ ही लोकसभा नेता प्रतिपक्ष ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर हमला बोलते हुए कहा कि वह एक क्रिमिनल शिक्षा मंत्री हैं, जिनकी वजह से हमारे देश की शिक्षा व्यवस्था उथल-पुथल हो गई है। वे हमारे एजुकेशन सिस्टम के ध्वस्त होने का प्रतीक हैं। उन्हें जाना ही होगा।
उन्हीं की वजह से हजारों लोग सडक़ों पर हैं। मीडिया के सामने कांग्रेस नेता ने छात्र के कपड़े हटाकर उसकी पीठ पर हुए घावों को मीडिया को बताया।
उन्होंने कहा कि छात्रों पर पैलेट गन से हमला किया गया है। उन्होंने कहा कि इसे पैलेट गन कहते हैं। उनकी आंख खराब हो गई है। वे उस आंख से ठीक से देख नहीं पा रहे हैं।
ये भारत का भविष्य हैं। हजारों ऐसे युवाओं पर पैलेट गन चलाई गई हैं। उन्हें लाठियों से पीटा गया है, उन पर हमले किए गए हैं। वे क्या कर रहे थे? वे शांतिपूर्ण विरोध कर रहे थे। वे विरोध क्यों कर रहे थे? क्योंकि उनका परीक्षा का पेपर लीक हो गया था।
मनोज तिवारी बोले, दोषियों पर हो रही सख्त कार्रवाई
छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बीच बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि इस पूरे मामले का समाधान केवल बातचीत और संवाद के जरिए ही निकलेगा।
उन्होंने जोर देकर कहा कि अपराध करने वाले अपराधी हैं और उनके खिलाफ कानून के तहत बेहद कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
भविष्य में इस तरह की पेपर लीक जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए संवाद बेहद जरूरी है, न कि अनावश्यक विवाद, इसलिए सभी पक्षों को मिलकर बातचीत के रास्ते पर आगे बढऩा चाहिए।
वांगचुक पर संजय राउत का सवाल; जिन हाथों ने छात्रों पर लाठियां भांजी, उन्हीं से अनशन खत्म किया
नीट परीक्षा पेपर लीक के खिलाफ पिछले 26 दिनों से अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक ने गुरुवार देर रात सरकार से बातचीत के बाद अपना अनशन समाप्त कर दिया।
हालांकि, उनके इस कदम से शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत हैरान और नाराज नजर आए। संजय राउत ने वांगचुक के योगदान की सराहना की, लेकिन उनके अनशन तोडऩे के तरीके पर गहरी आपत्ति जताई।
राउत ने कहा कि 26 दिन तक अनशन करना कोई आसान काम नहीं है। देश के लिए वांगचुक का स्वास्थ्य और जीवन बेहद अहम है, क्योंकि शिक्षा और समाज सेवा में उनका बड़ा योगदान है, लेकिन जिन सरकारी प्रतिनिधियों (दो मंत्रियों) के हाथों उन्होंने अनशन तोड़ा, वह चिंता का विषय है।
राउत ने सीधे तौर पर पूछा कि इस आंदोलन की मुख्य मांग धर्मेंद्र प्रधान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इस्तीफा थी। उन्होंने सवाल किया, क्या वांगचुक अब इन मंत्रियों के हाथों अनशन तोडऩे के बाद ये मांगें कर पाएंगे?
वांगचुक जी ऐसे दो मंत्रियों के हाथों से अपना अनशन कैसे तोड़ सकते हैं, विपक्ष के साथ तोड़ते। किसी एक का आंदोलन नहीं है यह।
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लेकर संसद आइएगा
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े ने साफ कह दिया है कि प्रधानमंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त करके संसद आएं, तभी इस मामले पर चर्चा होगी।
उन्होंने उनके सेल्फी वाले वीडियो मेसेज पर तंज कसते हुए कहा कि इस तरह से एकतरफा ‘मन की बात’ अब नहीं चलेगी।
खडग़े ने सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म एक्स पर कहा कि पहले छात्रों से माफी मांगिए और जिन्होंने लाठी-डंडे-पेलेट गन का इस्तेमाल छात्रों की आवाज दबाने के लिए करवाया है, उन पर कड़ी कार्रवाई कीजिए।
हंगामे की भेंट चढ़ा सदन, कार्यवाही सोमवार तक स्थगित
नीट और पेपर लीक के मुद्दों पर संसद के मानसून सत्र में पांचवें दिन भी भारी हंगामा जारी रहा। विपक्ष के कड़े विरोध के चलते राज्यसभा और लोकसभा की कार्यवाही सोमवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है।
लोकसभा में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी सदस्यों ने शुक्रवार को जमकर हंगामा किया, जिसके कारण सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई।
लोकसभा की कार्यवाही एक बार के स्थगन के बाद 12 बजे दोबारा जैसे ही शुरू हुई विपक्षी सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया।
हंगामा के बीच संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने सदन में अपनी बात रखनी चाही तो पीठासीन अधिकारी जगदंबिका पाल ने उन्हें बोलने की अनुमति दी।
श्री रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी को चर्चा में हिस्सा लेना चाहिए। हंगामा जारी रहा तो पीठासीन अधिकारी ने सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी।

