लाहुल में जड़ी-बूटियों की तस्करी; वन विभाग ने 13 किलो जंगली लहसुन सहित पकड़े चम्बा के 5 लोग

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व्यूरो रिपोर्ट

लाहुल घाटी में जड़ी बूटियों के अवैध कारोबार में संलिप्त तस्करों पर वन विभाग ने नकेल कस दी है। विभाग को जड़ी बूटियों के अवैध तस्करों को लेकर बार-बार शिकायतें मिल रही थीं।

किलाड़ से सटे तिंदी क्षेत्र में गश्त के दौरान वन विभाग की टीम ने जंगली जड़ी-बूटी की अवैध तस्करी के आरोप में 5 लोगों को धर दबोचा है।

विभाग ने उक्त लोगों के खिलाफ भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 68 के तहत मामला दर्ज किया तथा पहली बार पकड़े जाने पर 30 हजार का जुर्माना किया है।

जानकारी के अनुसार संरक्षित वन क्षेत्र के पास तिंदी वन बीट के केण रेंज वन अधिकारी तिंदी वीरभद्र सिंह ने इसकी जानकारी विभाग के उच्च अधिकारियों को दी। वन मंडल अधिकारी ने बताया कि गश्ती दल ने 13 किलोग्राम ताजा जंगली लहसुन जब्त किया है।

व्यक्तियों की पहचान हसन पुत्र गुलाम मोहम्मद, लतीफ पुत्र सेबर, प्यारदीन पुत्र हसन, हाशम पुत्र प्यारदीन, हामिद पुत्र अब्दुल लतीफ सभी निवासी ग्राम ढांड डाकघर कथेल, तहसील तीसा, जिला-चंबा के निवासी हैं। भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 68 के तहत मामला दर्ज करने के बाद आरोपियों से 30 हजार का जुर्माना वसूला गया है।

वन मंडल अधिकारी लाहुल अनिकेत वानवे ने कहा कि लाहुल का वन क्षेत्र और इसकी जैव विविधता विभिन्न प्रकार के औषधीय पौधों के लिए प्रसिद्ध है। यहां केवल प्रत्येक वन क्षेत्र के अधिकार धारकों को ही इसकी अनुमति है।

लाहुल वन मंडल के कर्मचारी अवैध कटाई के साथ-साथ अस्थिर कटाई प्रथाओं पर जांच सुनिश्चित करने के लिए निरंतर निगरानी कर रहे हैं ।

इन जैव विविधता से समृद्ध वनों के स्थायी प्रबंधन को सुनिश्चित करने के लिए कानून के तहत सूचीबद्ध प्रजातियों के लिए निष्कर्षण के साथ-साथ पारगमन परमिट की उचित अनुमति आवश्यक है।

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