सिविल हास्पिटल में एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड की मरीजों को नहीं मिल रही सुविधा
ज्वाली – व्यूरो रिपोर्ट
विधानसभा क्षेत्र ज्वाली की 59 पंचायतों को चिकित्सा सुविधा मुहैया करवाने वाला सिविल अस्पताल ज्वाली सुविधाओं के अभाव में खुद ही बीमार होकर रह गया है। सिविल अस्पताल ज्वाली में सुविधाएं कम, राजनीति ज्यादा हावी रहती है। चिकित्सा सुविधा के नाम पर मरीजों को मात्र ठेंगा मिल रहा है।
वर्ष 2012 में तत्कालीन कांग्रेस राज में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ज्वाली का दर्जा बढ़ाकर सिविल अस्पताल किया गया, लेकिन तब भी सुविधाओं का अभाव रहा।
कांग्रेस राज में अस्पताल का आलीशान भवन तो निर्मित किया गया, लेकिन विशेषज्ञ नियुक्त नहीं करवाए गए। कांग्रेस राज में पुराने भवन के पास का गिरा हुआ डंगा आजतक नहीं लग पाया है, जिससे पुराने भवन को खतरा पैदा हो रहा है।

वर्ष 2017 में भाजपा की सरकार बनी तो भी इस अस्पताल के नाम पर राजनीति होती रही। भाजपा राज में सिविल अस्पताल ज्वाली को अल्ट्रासाउंड मशीन व एक्स-रे मशीन मिली लेकिन रेडियोलॉजिस्ट व रेडियोग्राफर न होने के कारण दोनों मशीनें बंद कमरे की शोभा बढ़ा रही हैं।
भाजपा राज में सिविल अस्पताल ज्वाली में तीन करोड़ की लागत से ऑक्सीजन जेनेरेटर प्लांट लगाया गया लेकिन ट्रांसफार्मर व जेनरेटर के अभाव में यह भी शोपीस बनकर रह गया है। ज्वाली की जनता तत्कालीन विधायक अर्जुन सिंह से आवाज उठाती रही, लेकिन रेडियोलॉजिस्ट व रेडियोग्राफर की नियुक्ति नहीं करवाई गई।
अब वर्ष 2023 में फिर से कांग्रेस की सरकार बनी, तो जवाली की जनता को उम्मीद जगी कि अब सिविल अस्पताल ज्वाली में बेहतर चिकित्सा सुविधा मिलेगी लेकिन तीन माह का समय बीत जाने के बाद भी कोई भी सुधार नहीं दिख रहा है।
सीएमओ कांगड़ा के बोल
इस बारे में सीएमओ कांगड़ा डा. सुशील शर्मा ने कहा कि रेफियोग्राफर तथा रेडियोलॉजिस्ट की समस्या को सरकार को अवगत करवाया गया है। उन्होंने कहा कि ऑक्सीजन जेनरेटर प्लांट के लिए ट्रांसफार्मर लगाने व जेनेरेटर के लिए बजट का प्रावधान होगा तो ही ट्रांसफार्मर व जेनरेटर लग पाएंगे।

