शिक्षण से बड़ा कोई पेशा नहीं: कृष्णा अवस्थी

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शाहपुर – नितिश पठानियां

द्रोणाचार्य महाविद्यालय रैत में संजीवनी क्लब के सौजन्य से अपनी स्मृति को तेज करने के लिए एक व्याख्यान का आयोजन हुआ। जिसमें अवस्थी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन की फाउंडर कृष्णा अवस्थी ने शिरकत की। मुख्य वक्ता का पहाड़ी टोपी व शॉल पहनाकर स्वागत किया।

कृष्णा अवस्थी ने बताया कि परमयोग कर अपनी स्मृति को अच्छा किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि शिक्षण के बड़ा को पेशा नहीं है। उन्होंने पी 3 वाई का मतलब समझाया। उन्होंने बताया कि परमयोग से स्वस्थ मस्तिष्क का विकास होता है।

परमयोग एक स्वस्थ मस्तिष्क के लिए अनिवार्य है। परमयोग स्वस्थ मस्तिष्क को आदर्श तथा अस्वस्थ मन को स्वस्थ बनाता है। मानव प्रवृति को समझने तथा जानने में परमयोग (P3Y) परमजी-पप्र-परमयोग सहायता करता है परमयोग बराबर करने से आप अच्छी तरह से कार्यों पर नियंत्रण कर सकते है।

ये रहे उपस्थित

इस मौके पर प्राचार्य डॉ प्रवीण शर्मा, विभागाध्यक्ष सुमित शर्मा, भावना, अमित शर्मा, शिवानी, सहित समस्त शिक्षक मौजूद रहे।

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