
बेटों ने कार्गो शिप खरीदा, मां और गांव का दिया नाम, हरोली के गोंदपुर जयचंद के रहने वाले कोमल व अनिल अग्निहोत्री शिपिंग कारोबारी हैं। कोमल भारत में रहते हुए इस कारोबार को बढ़ा रहे हैं। जबकि अनिल विदेश में रहते इस कारोबार में लगे हुए हैं।
ऊना – अमित शर्मा
कहते हैं कि दुनिया में किसी भी कोने में बस जाएं, या कितना भी कामयाब हो जाएं, अपने वतन, प्रदेश और गांव की मिट्टी को नहीं भूलना चाहिए. कुछ ऐसा ही किया है हिमाचल प्रदेश के एक कारोबारी ने. इस कारोबारी ने एक कार्गो शिप खरीदा और अपनी मां और गांव के नाम पर इसका नाम रखा है. मामला हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले का है.
जानकारी के अनुसार, कोर्गो शिप का ‘लीला गोंदपुर’ रखा गया है. दरअसल, हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में हरोली विधानसभा क्षेत्र में एक गांव है गोंदपुर और यहां के रहने वाले अनिल अग्निहोत्री बड़े कारोबारी हैं.
उन्होंने अपनी मां लीला के नाम पर इस कार्गों का नाम रखा है. मां और गांव के नाम को मिलाकर शिप को लीला गोंदपुर का नाम दिया गया है. हरोली के गोंदपुर के रहने वाले कोमल और अनिल अग्निहोत्री शिपिंग कारोबारी हैं.
बताया जा रहा है कि कोमल भारत में कारोबार चला रहे हैं और वहीं, अनिल पर विदेशी कारोबार का जिम्माहै. दोनों ने अपनी मां और अपनी पैतृक भूमि के प्रति प्रेम दिखाया है और शिप का नामकरण किया.कोमल और अनिल के पिता दोनों ही इस दुनिया में नहीं हैं.
डिप्टी सीएम ने दी बधाई
जानकारी के अनुसार, कोमल और अनिल हिमाचल डिप्टी मुकेश अग्निहोत्री के ताऊ जी के बेटे हैं. मुकेश अग्निहोत्री ने भी सोशल मीडिया में पोस्ट डालकर कर खुशी जताई और लिखा, ‘लीला गोंदपुर-हिमाचल प्रदेश के ऊना जिला से गोंदपुर के अग्निहोत्री भाइयों पर हमें नाज है.
यह गौरव का क्षण है जिन्होंने अपनी माताश्री और गांव को देश दुनिया में पहचान दी. यह बल्क कार्गो 180, 000 टन की क्षमता का है. इस पर हमारा पैतृक गांव गोंदपुर अंकित है. कोमल अग्निहोत्री एवं अनिल अग्निहोत्री को बधाई.
