
शाहपुर – नितिश पठानियां
द्रोणाचार्य महाविद्यालय रैत में नारी सशक्तिकरण सेल के सौजन्य से अंतराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया। जिसमें पूजा दीदी ब्रह्मकुमारी मेडिटेशन सेंटर शाहपुर ने शिरकत की। वहीं बीएड से नेहा,मान्या,आँचल, खुशबू अनीता छात्राओं ने भारत की बहादुर और सशक्त नारियों के बारे में सभी को जागरूक किया। वहीं प्रशिक्षुओं में भाषण प्रतियोगिता का भी आयोजन हुआ।
वहीं पूजा दीदी ने कहा कि अद्यात्मिक्ता पढ़ाई के साथ होनी चाहिए उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की शुरुआत साल 1908 में हुई थी, जब न्यूयॉर्क शहर की सड़कों पर हजारों महिलाएं घंटों काम के लिए बेहतर वेतन और सम्मान तथा समानता के अधिकार को प्राप्त करने के लिए उतरी थी।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस को मनाने का मंतव्य यही था कि महिलाओं को उनकी क्षमता प्रदान की जाए तथा महिला सशक्तिकरण किया जाए। मानसिकता कहें या जड़ता, कहीं न कहीं पुरुष महिलाओ को अपने से नीचा समझता आया है इस मानसिकता में परिवर्तन करना बहुत जरुरी था और यह केवल महिलाओं को बेहतर अवसर प्रदान करके ही किया जा सकता था।
जब महिलाओं को अवसर प्रदान किए गए तथा महिला सशक्तिकरण किया गया तो महिलाओं ने अपने आप को बेहतर रूप से साबित किया। यह महिलाओ की योग्यता और क्षमताओं का परिणाम है जो आज महिलाएं बेहतर स्थिति में हैं। मगर अभी भी महिलाओं के लिए काफी काम किया जाना बाकी है।
बहुत से परिवर्तनों के बावजूद आज भी महिलओं को संघर्ष करना पड़ता है। उन्हें शिक्षा, सम्मान और समानता के लिए अभी भी बहुत संघर्ष करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि नारी के बिना पुरुष अधूरा है। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति का स्वरूप है वह घर को स्वर्ग बना सकती है ।उन्होंने कहा कि आज वक्त बदला है पर सोच बदलेंगे तभी नारी को सच में सम्मान मिलेगा ।
ये रहे उपस्थित
इस मौके पर प्रबंधक निदेशक जीएस पठानिया, कार्यकारिणी निदेशक बीएस पठानिया, प्राचार्य डॉ प्रवीण शर्मा, विभागाध्यक्ष सुमित शर्मा सहित समस्त स्टाफ मौजूद रहा।
