बर्फबारी के बाद रिहायशी इलाकों में पहुंचे जंगली जानवर, शिकारी सक्रिय, वन विभाग हुआ अलर्ट

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व्यूरो – रिपोर्ट

दुर्लभ प्रजाति के वन्य प्राणियों की स्थली लाहौल-स्पीति के पहाड़ अब बर्फ से लकदक हो गए हैं। नवंबर में हुई ताजा बर्फबारी से लाहौल के चोटियां भी सफेद हो गई हैं। ऐसे में अब यहां गुजर बसर करने वाले वाले जंगली जीव-जंतुओं ने पहाड़ों को छोड़कर निचले क्षेत्रों का रुख कर दिया है। खासकर आईबैक्स के झुंड घाटी के नदी-नालों के आसपास देखे जा सकते हैं। वहीं विलुप्त होने की कगार पर हिमालय थार (जंगली बकरा) भी देखा जा सकता है।

दोनों प्रजाति के यह जानवर शाकाहारी होने से घास चरने के लिए रिहायशी क्षेत्रों में आ गए हैं। पिछले सप्ताह हुई ताजा बर्फबारी के बाद तापमान माइनस डिग्री के आसपास पहुंचने से घाटी की झीलें, नाले और झरने सहित प्रकृतिक स्रोत पूरी तरह से जम गए हैं।

घाटी के निचले इलाकों में पहुंचे आईबैक्स और हिमालय थार के बाद स्थानीय प्रशासन, वन विभाग और महिलाएं सतर्क हो गई है। खासकर घाटी की महिलाएं इन जानवरों की सुरक्षा और संरक्षण में अहम भूमिका निभाती हैं। वहीं वन विभाग ने भी इन वन्य प्राणियों की सुरक्षा के लिए कमर कस ली है और गश्त बढ़ाते हुए अपनी फील्ड टीम को अलर्ट कर दिया है।

हालांकि घाटी में पिछले एक दशक से इन प्राणियों का शिकार करने का एक भी मामला नहीं आया है। बावजूद वन विभाग और घाटी केे महिला मंडल इनकी सुरक्षा पर कड़ी निगरानी रखे हुए हैं। लाहौल के स्तींगरी में खंड विकास अधिकारी केलांग विवेक गुलेरिया ने आईबैक्स का एक झुंड को अपने कैमरे में कैद किया है।

जबकि शोधकर्ता डॉ. शिवपॉल ने उदयपुर क्षेत्र में दो हिमालय थार को अपने कैमरे में कैद किया है। डीएफओ लाहौल दिनेश शर्मा ने कहा कि वन विभाग ने सर्दी के दिनों निचले इलाकों में आने वाले जीव जंतुओं की सुरक्षा को देखते हुए गश्त शुरू कर दी है।

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