
शिमला- जसपाल ठाकुर
वर्ष 2020-21 में प्रचलित कीमतों पर प्रति व्यक्ति आय 201854 लाख रुपये रहने का अनुमान है। जो कि राष्ट्रीय अनुमानित प्रति व्यक्ति आय से 51528 प्रति अधिक है। वर्ष 2021-22 के दौरान प्रति व्यक्ति आय में 10.1% की वृद्धि रहने का अनुमान लगाया गया है।
प्रश्नकाल के बाद मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने विधानसभा में वर्ष 2021-22 के लिए आर्थिक सर्वेक्षण प्रस्तुत किया। प्रदेश सरकार के दस्तावेज यह बताता है कि हिमाचल में बेरोजगारी बढ़ने के बजाय घटी है। इसका प्रमाण आर्थिक सर्वेक्षण है जिसमें बताया गया है कि 2018-19 में बेरोजगारी दर 5.2 फीसद थी, जो घटकर 2019-20 में 3.7 फीसद रह गई है।
सरकार ने आर्थिक सर्वेक्षण में कोरोना काल से पहले के दो वर्षों के बारे में बेरोजगारी से जुड़े आंकड़े दिए हैं। इन आंकड़ों के तहत बताया गया है कि वर्तमान भाजपा सरकार के पहले दो वर्ष के सत्ता काल में बेरोजगारी दर पांच फीसद से अधिक थी, जो साढे़ तीन फीसद रह गई है।
प्रदेश सरकार ने रोजगार के परिदृश्य को लेकर के सर्वेक्षण में श्रम बल सर्वेक्षण रिपोर्ट 2019-2020 का संदर्भ लिया है। इस रिपोर्ट से पता चलता है कि श्रम बल भागीदारी दर 2018-19 में 52.8 फीसद थी, जो 2019-20 में बढ़कर 57.7 फीसद हो गई है। इस रिपोर्ट के अनुसार राज्य में महिला कार्य बल भागीदारी तुलनात्मक दृष्टि से बढ़ी है, पहले महिला कार्य बल भागीदारी करीब 45 फीसद थी जोकि एक साल के दौरान बढ़कर 50 फीसद हो गई।
विकास दर 8.3 फीसद रहने का अनुमान
हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्था में वर्ष 2021-22 में विकास दर 8.3 फीसद रहने का अनुमान व्यक्त किया गया है। विधानसभा में पेश किए गए आर्थिक सर्वेक्षण में 65 बिंदु के तहत विशेषताएं बताई गई हैं। प्रचलित कीमतों पर राज्य का सकल घरेलू उत्पाद 175173 करोड़ रुपये अनुमानित किया गया है।
महामारी के दौरान कृषि क्षेत्र सबसे कम प्रभावित हुआ है। इन क्षेत्रों में 8.7 फीसद की वृद्धि हो सकती है। विनिर्माण क्षेत्र में 11.3 फीसद की वृद्धि होगी।
