
मंडी – अजय सूर्या
भूमि अधिग्रहण प्रभावित मंच की गूगल मीट के माध्यम से आपातकालिन बैठक बी आर कोंडल जी की अध्यक्षता में आयोजित की गई।
जिसमे शिमला, सोलन, बिलासपुर, मंडी, काँगड़ा व कुल्लू के 28 प्रभावित संघठनों के 46 कमेटी सदस्यों ने भाग लिया।
मंच के अध्यक्ष बी आर कोंडल ने कहा कि भूमि अधिग्रहण कानून,2013 को लागु करवाने व चार गुना मुआबजा, पुनर्वास व पुनर्स्थापना के मुद्दे पर सरकार पिछले 5 वर्षो से किसानों को हमेशा कैबिनेट कमेटियो के माध्यम से आश्वासन देती रही है कि वे किसानों के पक्ष में सोच विचार कर रही हे और जल्द ही फैसला लेने की बात की गई थीी।
लेकिन बड़ी हैरानी की बात है कि 5 बर्ष बीतने को हैं लेकिन अभी तक कोई उचित फैसला नहीं ले पाई है। जिसके कारण किसानो में इस सरकार के खिलाफ भारी गुस्सा है I
पिछले कल कैबिनेट बैठक में चार गुना मुआवजे़ का मुद्दा पेश होना था लेकिन कुछ प्रशासनिक अधिकारीयों द्वारा इस मामले को उलझा कर बैठक के अजैंडे से बाहर करवा दिया गया जो कि खेद का विषय है और सरकार ने हिमाचल के किसानों को धोखा दिया है ।
फोरलेन/भूमि अधिग्रहण प्रभावितों ने पिछले 5 वर्षों से आशा लगा रखी थी कि सरकार अपने वादे को पूरा कर देगी लेकिन यह नहीं हो सका । सरकार की इस वादाखिलाफी के विरूद्ध लोगों में भारी आक्रोस है ।
मंच के संयोजक, जोगिन्दर वालिया ने कहा कि हिमाचल सरकार भारत के प्रधानमंत्री के किसानो को चार गुणा मुआबजा के व्यान को झूठा करार देने में आमदा है।
जिसका परिणाम जयराम सरकार को विधान सभा चुनाव में हार का मुंह देखना पड़ सकता है और प्रदेश के किसानो से वादाखिलाफी का मुल्य चुकाना पड़ेगा ।
हम पिछले 5 साल से फोरलेन संघर्ष समिति व भूमि अधिग्रहण मंच अपनी आवाज़ उठाता रहा है, और जयराम सरकार कई बार कमेटियो की बैठक के बाद हमेशा यही कहती आई है कि वो फोरलेन से प्रभावितों किसानों के बारे में चिंतित एवं संम्बेन्दनशील है।
लेकिन चार गुणा मुआबजा के बारे आनाकानी व टालमटोल की निति लगातार अपना रही है और किसानो की मांग को हल नहीं करना चाहती है और बड़े दुःख की बात है कि पहले बहाना ढूंढ रही थी कि चार गुणा मुआवजे की अदायगी के लिए केन्द्रीय मंत्री को पूछना होगा।
जबकि गडकरी पहले ही कुल्लू में आकर कह गए हैं कि यदि सरकार हिमाचल प्रदेश चार गुणा मुआवजा लोगों को देना चाहती है तो केन्द्रीय सरकार को उस में कोई एतराज़ नहीं है ।
मंच के सह सयोंजक, नरेश कुकू ने श्री जयराम ठाकुर जी से सवाल करते हुए पूछा हे कि भाजपा ने 2017 में चुनाबी बायदा (दृष्टी पत्र) किया था कि अगर हमारी सरकार बनेगी तो हम दो फैक्टर अर्थात चार गुणा मुआवजा प्रभावित किसानों को देंगे।
उलटे फोरलेन साथ 50 मीटर टीसीपी की योजना को लागु कर दिया गया व टोल प्लाजा में सथानीय लोगो कोई राहत न देने , जमीन का मार्केट रेट के अनुसार व्याज सहित मुआवजा न देना, मंडलीय न्यायलय में लंबित जमीन अधिग्रहण की सुनबाई न होना के कारण जयराम सरकार ने किसानों के साथ धोखा किया है, जिस का खामियाजा़ आने बाले चुनावों में भूगतना पड़ेगा।
प्रभावित्त किसानों के सभी संगठनों ने फैसला लिया है कि भूमि अधिग्रहण कानून 2013 (चार गुना मुआबजा, पुनर्वास व पुनर्स्थापना) को हिमाचल में लागु करवाने हेतु आने वाले दिनों में सरकार के खिलाफ 10 अक्टूबर को उपमंडलीय/जिला स्तरीय धरना प्रदर्शन/रैली का आयोजन किया जाएगा ।उसके उपरांत फोरलेन से प्रभावित विधानसभा क्षेत्र में वोट की चोट अभियान चलाया जाएगा।
इस मीटिंग में अध्यक्ष बेलीराम कोंडल, सयोंजक जोगिन्दर वालिया के इलाबा कुल्लू-मंडी के पदाधिकारी, नरेश कुकू, बंसीलाल ठाकुर, प्रेम ठाकुर, होतम सोंखला , काँगड़ा से राजेश पठानिया, करण राणा , शिमला से सत्यवान पुंडीर , जय शिव, संजीव सुनटा, और मंडी से प्रशांत मोहन , भूपेंदर सिंह, हरिसिंह सैनी , मोहन लाल, राजकुमार वर्मा, बिलासपुर से मदन शर्मा, सोलन से जेसी शर्मा, चरणदास, नवीन मेहता इत्यादि ने भाग लिया ।
