देवता जमदग्नि ऋषि की कोठी में लगी भीषण आग, 80 लाख का नुकसान

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कुल्लू – आदित्य

जिला मुख्यालय कुल्‍लू से 30 किलोमीटर दूरी पर स्थित शियाह गांव में सोमवार देर रात को देवता जमदग्नि ऋषि के भंडार गृह में आग लग गई। इस आग की घटना में लाखों रुपये की संपत्ति जलकर नष्ट हो गई। आग लगाने से करीब 80 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया गया है।

देवता जमदग्नि ऋषि के नवनिर्मित नक्काशीदार काष्ठकुणी शैली में बने साढे़ तीन मंजिला स्लेट पोश भंडार गृह, कोठी में आग लगने से अफरा तफरी मच गई। ग्रामीणों ने दमकल केंद्र कुल्लू को सूचित किया।

कुल्लू से दमकल विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और गांव में निर्मित वाटर स्टोरेज टैंक पर पोर्टेबल पंप लगाकर तथा छह नंबर डिलीवरी हौज जोड़कर एवं पानी लेकर आग को कड़ी मशक्कत के बाद नियंत्रित कर पूर्ण रूप से बुझाया।

दमकल विभाग के लीडिंग फायरमैन सरनपत विष्ट ने बताया इस अग्नीकांड में करीब 80 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया गया है। इसमें मंदिर के भंडार गर्भ का भीतरी हिस्सा पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हुआ है।

अग्निशमन विभाग ने करीब दो करोड़ की संपति को बचाया है। जिसमें गांव में आपस में सटे कई मकान भी शामिल हैं। अग्निशमन विभाग कुल्लू के अधिकारी सरनपत बिष्ट ने कहा कि आग पर काबू पा लिया है।
ये हैं आग लगने के कारण
हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्र में आग लगने का सबसे बड़ा कारण लकड़ी के मकान हैं। लकड़ी के मकान होने के कारण जरा सी चिंगारी सुलगने पर कई आशियाने राख की ढेर में बदल जाते हैं।
पलभर में आग प्रचंड हो जाती है, जिस पर काबू पाना आसान नहीं रहता। लकड़ी के मकान बनाने की वजह पहाड़ों पर पड़ती कड़ाके की ठंड है। लकड़ी के मकान पक्‍के घर की अपेक्षा ठंड से बचने के लिए ज्‍यादा उपयोगी रहते हैं।
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