चम्बा – भूषण गुरुंग
ग्राम पंचायत दियोला के दर्जन भर गांव आज भी सड़क सुविधा से वंचित हैं। स्थिति यह है कि ग्रामीणों समेत स्कूली बच्चे छह किमी ऊबड़-खाबड़ रास्ते से होकर दियोला सड़क तक पहुंचते हैं। इसके चलते उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
इतना ही नहीं गांवों में अचानक बीमार होने वाले व्यक्ति को पीठ पर उठाकर पैदल मुख्य सड़क तक पहुंचाने के बाद ही एंबुलेंस या निजी वाहन के माध्यम से अस्पताल तक पहुंचाया जाता है। ग्रामीणों की मानें तो छह किमी पैदल चलने में काफी समय बर्बाद हो जाता है जिससे कई मरीज अस्पताल का मुंह देखने से पहले ही रास्ते में दम तोड़ देते हैं।
ग्रामीणों अशोक कुमार, शांति देवी, मान सिंह, किशोरी लाल, संजू, चैन लाल, खेमराज और मोहन लाल का कहना है कि सड़कें सभी क्षेत्रों के लिए भाग्य रेखाएं होती हैं लेकिन उनके क्षेत्रों में आज तक सड़क नहीं पहुंच पाई है।
ग्राम पंचायत दियोला के फनोता, भंगोड़ी, घेवा, छालूंई, कुनोली, दवारी, चांजला, पसउंआ समेत दर्जनभर गांवों की 1,200 की आबादी नेताओं से भी उनके गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ने की मांग कर चुके हैं लेकिन नेताओं से उन्हें महज आश्वासन ही मिले हैं।
सड़क बनना तो दूर की बात है, इसका निर्माण कार्य तक शुरू नहीं हो पाया है। जिस लोगों ने सरकार के प्रति नाराजगी जाहिर की है। कहा कि सरकार अपने किए वायदों पर खरा नहीं उतर पाई है। ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार और विभाग से जल्द गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ने की मांग की है।
लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता के बोल
लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता शैलेश राणा का कहना है कि मामला ध्यान में लाया गया है। बताया कि पंचायत प्रबंधन लिखित प्रस्ताव बनाकर विभाग को भेजे जिसे आलाधिकारियों को भेजा जाएगा।

