
हिमखबर – डेस्क
जाग मछंदर गोरख आया, अलख निरंजन नाद सुनाया।
महाकाल का भगत बनाया, चौसठ योगिनी, 90 भैरव का गान सुनाया।
52 वीर भी संग लाया, जाहरवीर को शिष्य बनाया
महावीर संग, भगवती काली का गुण गाया।
जाग मछंदर गोरख आया, आदेश आदेश आदेश कर, सब में अलख जगाया।
मेलडी मसानी को संग लाया, भूत-प्रेत को मार-मार भगाया।
जाग मछंदर गोरख आया, अलख निरंजन नाद सुनाया।
मौलिकता प्रमाण पत्र
मेरे द्वारा भेजी रचना मौलिक तथा स्वयं रचित जो कहीं से भी कॉपी पेस्ट नहीं है।
राजीव डोगरा (भाषा अध्यापक) गवर्नमेंट हाई स्कूल ठाकुरद्वारा
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