
मंडी – नरेश कुमार
मंडी जिले में बुधवार रात हुई मूसलाधार वर्षा से भारी नुकसान हुआ है। बल्ह हलके की सुकेती खड्ड में बाढ़ आने से कई गांव जलमग्न हो गए हैं।
इससे किसानों व बागवानों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। जलशक्ति विभाग के दस से अधिक पंप हाउसों में पानी भर गया है। इससे पेयजल संकट गहरा गया है।
सुकेती खड्ड में करीब तीन साल बाद बाढ़ आई है। इससे डडौर, नागचला, गागल, सिंहन, चंडयाल, भड़याल व बैहना गांव में सब्जी व मक्की की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। खेतोंं में तीन से चार फीट पानी भरने से किसानों के समक्ष मवेशियों के लिए चारे का संकट पैदा हो गया है।
उपायुक्त मंडी अरिंदम चौधरी ने राजस्व विभाग को बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए हैं। सात मील के पास भूस्खलन से मनाली चंडीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से बंद हो गई है।
पत्थर गिरने से कई वाहनों को क्षति हुई है। कुल्लू मनाली को जोड़ने वाला वैकल्पिक मार्ग मंडी कमांद कटौला भी बंद हैं। इससे कुल्लू मनाली का संपर्क मंडी से कट गया है। दोनोंं मार्गाें पर सैकड़ों वाहन फंसे हुए हैं।
प्रशासन ने लोगों को कुल्लू की यात्रा न करने की सलाह दी है। भारी वर्षा से ब्यास नदी का जलस्तर बढ़ने से आम जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। लारजी व पंडोह बांध के गेट खोल दिए गए हैं।
कुल्लू जिले के आनी में बादल फटने से पुराना बस स्टैंड के समीप कई वाहन बह गए हैं। पांच से अधिक दुकानें बाढ़ की भेंट चढ़ गई हैं। मनाली लेह राष्ट्रीय राजमार्ग व तांदी उदयपुर मार्ग पर भूस्खलन का खतरा मंडरा रहा है।
लाहुल स्पीति प्रशासन ने स्थानीय लोगों व पर्यटकों से अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। तोजिंग नाला में बाढ़ से कई वाहन फंस गए हैं।
