
बठरा पंचायत में तीसरे महायज्ञ में शामिल हुए साढ़े तीन सौ परिवार
डाडासीबा – शिव गुलेरिया
सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने और समाज में सद्भावना के लिए कैप्टन संजय ने मंगलवार को जसवां-परागपुर क्षेत्र की बठरा पंचायत में महायज्ञ का आयोजन किया।
गांवों में खुशहाली, स्थानीय वासियों के स्वास्थ्य और बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए पराशर द्वारा इस क्षेत्र में यह तीसरा महायज्ञ करवाया गया। इस महायज्ञ में बठरा गांव के साढ़े तीन सौ परिवारों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई और इक्तीस हजार अाहुतियां हवन में समर्पित की गईं। मूसलाधार बारिशद के बावजूद गांव धार्मिक माहौल में रंगता नजर आया और पूरे क्षेत्र में वैदिक मंत्रोच्चारण की गूंज रही।
हवन महायज्ञ के पश्चात स्थानीय वासियों को संबोधित करते हुए संजय पराशर ने कहा कि आज की भागदौड़ की जिंदगी में खुशी के क्षण सुलभ होना बड़ी बात है। महायज्ञ के आयोजन से हम सब एक मंच पर एकित्रत हुए हैं और विश्व, राष्ट्र, प्रदेश और अपने क्षेत्र की शांति व सुख-स्मृद्धि के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।
इस महायज्ञ का उदे्श्य जहां आम जनमानस के उत्तम स्वास्थ्य व खुशहाली की कामना करना है, वहीं आपसी भेदभाव को भलाकर सबको सामाजिक समरसता की डोर से भी जोड़ना है। प्रसन्नता की बात है कि इस धार्मिक आयोजन में समाज का हर वर्ग जुड़ रहा है और बुजुर्गों से लेकर बच्चे व महिलाएं भी हवन में आहुतियां डाल रहे हैं।
कहा कि किसी भी क्षेत्र या समाज के लिए सामाजिक एकता की जरूरत होती है। जब समाज का हर आदमी कुछ अच्छा करने के लिए लक्ष्य निर्धारित करता है तो निस्संदेह परिणाम भी सकारात्मक आते हैं। पराशर ने कहा कि विद्यार्थी संस्कार और वे प्राचीन परंपराओं का निर्वहन करना सीखें, इसके लिए सभी को मिलकर प्रयास करने होंगे।
युवा अपने भविष्य के लिए लग्न व दृढ निश्चय से कड़ी मेहनत करें, ऐसा माहाैल हर गांव में तैयार होना चाहिए। नशे की बजाय युवा पीढ़ी नैतिक मूल्यों को तरजीह दे तो समाज की दिशा व दशा बदल सकती है। नारी सशक्तीकरण के लिए गंभीरता से मंथन करना होगा।
पर्यावरण संरक्षण को लेकर सामूहिक तौर पर कोशिशें की जाएं तो जंगलों को राख होने से बचाया जा सकता है और हर वर्ष पौधरोपण मुहिम शुरू की जा सकती है। वहीं, सामाजिक सरोकारों को ध्यान में रखते हुए समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की मदद के लिए जब चारों तरफ से मदद को हाथ उठें तो गरीबी उन्मूलन व सामाजिक सुरक्षा के उपाय धरातल पर उतर सकते हैं।
संजय पराशर ने कहा कि उनका महायज्ञ के आयोजन के पीछे यही सोच है कि समाज का हर वर्ग खुशहाली की ओर अग्रसर हो। उनका हमेशा यही प्रयास रहा है कि सबको साथ लेकर चला जाए। बेशक ग्रामीण क्षेत्रों के उत्थान व विकास के लिए अभी भी बहुत काम करने की आवश्यकता है।
बावजूद उनका प्रयास है कि सबसे पहले गांवों में शिक्षा, रोजगार व स्वास्थ्य को लेकर मूलभूत सुविधाओं में इजाफा किया जाए। कहा कि इस दिशा में वह कार्य कर रहे हैं और भविष्य में भी इस विजन को यथार्थ के धरातल पर लाने की दिशा में प्रयासरत रहेंगे।
इस अवसर पर राजेश्वर सिंह, वार्ड पंच शक्ति सिंह, एकता ठाकुर, तिलक राज, प्रेम लता, रमेश, देवेन्द्र, प्रकाश, सुनील, निखिल कंवर और जसवंत सिंह भी मौजूद रहे।
