
चम्बा- भूषण गुरुंग
जलशक्ति विभाग के कार्यालय के साथ लगते दो मकान आग की भेंट चढ़ गए। मकानों में रखा सामान भी जलकर राख हो गया। इससे प्रभावितों को लाखों का नुकसान हुआ है।
प्रशासन की ओर से तहसीलदार पवन ठाकुर ने चारों प्रभावितों मदन मोहन शर्मा, महिंद्र सिंह पुत्र लक्ष्मी चंद शर्मा, सर्वेश पुत्र सत्यप्रसाद शर्मा और हिमालयन पत्नी सत्यप्रसाद को दस-दस हजार रुपये की फौरी राहत दे दी है।
जानकारी के मुताबिक सलूणी मुख्यालय स्थित जलशक्ति विभाग के कार्यालय के साथ लगे कूड़े के ढेर में बुधवार सायं 4:00 बजे आग लग गई। देखते ही देखते आग ने भयंकर रूप धारण कर लिया और साथ लगते मकानों को भी अपनी चपेट में ले लिया।
मकान से उठे धुएं को देखकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और सलूणी प्रशासन को इसकी जानकारी दी। ग्रामीण पानी और मिट्टी से आग बुझाने में जुट गए। उपमंडल अधिकारी स्वाति गुप्ता ने अग्निशमन विभाग को घटना की सूचना दी। उस दौरान सिंग्गाधार में फायर ब्रिगेड की गाड़ी जंगल में लगी आग को बुझाने के लिए गई हुई थी।
यहां से लौटने के लिए फायर ब्रिगेड की गाड़ी को आधा घंटा लग गया। तब तक आग प्रचंड हो चुकी थी। सूचना मिलने पर एनएचपीसी सुरंगानी से दो फायर ब्रिगेड की गाड़ियां आग बुझाने के लिए मौके पर पहुंच गईं। फायर ब्रिगेड और पुलिस कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों के साथ मिलकर आग बुझाने का कार्य आरंभ किया। खबर लिखे जाने तक आग को बुझाने का क्रम जारी था।
बता दें कि प्रभावित देवगा में अपने नए मकान में रहते हैं जबकि सलूणी स्थित पुश्तैनी मकान किराये पर दिए थे। अग्निकांड के समय किरायेदार भी घर में मौजूद नहीं थे। प्रशासन ने एहतियातन आसपास के मकान खाली करवा दिए हैं।
सूचना मिलते ही जिला मार्केटिंग कमेटी के चेयरमैन डीएस ठाकुर ने मौके पर पहुंच प्रभावितों को ढांढस बंधाते हुए मुख्यमंत्री से हरसंभव सहायता प्रदान करवाने का आश्वासन दिया।
