
कांगड़ा- राजीव जसवाल
ज्वालामुखी के विधायक रमेश धवाला ने वाल्मीकियों का किया अपमान. सदन मे चर्चा के दौरान कोरोना काल के चलते ध्वाला ने कहा कि कोरोना मे मरने वालों का संस्कार वाल्मीकियों से करवाया जाये.ज़ब विपक्ष ने सवाल किया कि वाल्मीकि ही क्यों तो उन्होंने जबाब दिया की वाल्मीकियों को पैसे की ज्यादा लालसा होती है.
इस पर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुदेश सहोंतरा अखिल वाल्मीकि महासभा पंजीकृत नई दिल्ली व शाखा हिमाचल प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष प्रमन चटवाल ने इस घटिया प्रतिक्रिया पर तुरन्त संज्ञान लेते हुये.तुरन्त विधायक से फोन मे बात की.ज़ब पिछली रात चटवाल ने बात की कि आपकी हमारे समाज पर इतनी धटिया प्रतिक्रिया करने की हिम्मत कैसे हुई.
इस पर विधायक धवाला ने अपनी सफाई मे कहा की उन्होंने ऐसी कोई बात नहीं की बल्कि सिम्पल तौर पर चर्चा की.अगर गलती से कुछ ऐसा कहा गया हो तो मै अपने शब्द बापिस लेता हूं.लेकिन आज सुबह ज़ब राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने फ़ोन पर बात की तो विधायक ने कहा की मैं अपने शब्दो को बापिस लेता हूं.
इस पर सुदेश सहोंतरा ने कहा की समाज का नाम लेकर चर्चा मे इस बात को रखने की क्या जरुरत थी यह चर्चा मे कौन सा विकास का मुद्दा था.बेहतर होता कि आप वाल्मीकि समाज की मांगो को उठाते.जो सरकार के आगे बार बार उठा पर माँगना बन्द कर दिया है. इस पर धवाला ने कहा की मै अपने शब्दो को बापिस लेता हूं.
इस पर सुदेश सहोंतरा व चटवाल ने कहा की शब्द बापिस लेने से कुछ नहीं होगा यह शब्द बापिस लेने है तो सदन मे ले और समाचार पत्रों के माध्यम से वाल्मीकि समाज से माफ़ी मांगे अन्यथा खमाजा भुगतना पड़ेगा.
