
भलाड,- शिवू ठाकुर
डिजिटल इंडिया के जमाने में जब इंटरनेट हाईस्पीड की बात हो रही है वहीं तहसील ज्वाली के अंतर्गत गांव चचियां के लोग आज भी बैलगाड़ी की रफ्तार में इंटरनेट सेवा का मजा लें रहें हैंं। ऐसा हम इसलिए कर रहे हैं कि आज कल के जमाने में भी इंटरनेट जैसी कंपनियां इंटरनेट देने में आज भी काफी पीछे हैै।
वहीं ग्रामीणों साहिल धीमान, विशाल धीमान, अमित धीमान, मोहित धीमान, आदि का कहना है कि इंटरनेट 2 केवी या 3केवी के हिसाब से चल रहा है और कई बार कस्टमर केयर को बताया लेकिन इसका कोई हल नहीं हुआ । यदि गांव में कोई व्यक्ति बिमार हो जाता है तो एंम्बुलेंस को फोन तक नहीं लगताा है।
नेटवर्क की भारी समस्या बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाई में भी बांधा उत्पन्न करती है और ना ही इस गांव में कोई टावर है। अब उपभोक्ताओं के मोबाइल फोन बिना नेटवर्क के खिलोना वं शोपीस बनकर रह गए हैं। अब ग्रामीणों ने भारतीय दूरसंचार कम्पनियों और सरकार से टावर लगाने की गुहार लगाई है कि इस समस्या की और विशेष ध्यान दिया जाए।
