
कोटला, स्वयम
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भाली में विश्व मानवाधिकार दिवस मनाया lसाथ ही तमिलनाडु में शहीद जाबांज जरनल सहित अन्य सैनिकों को श्रद्धांजलि दी । इस अवसर पर प्रधानाचार्य राकेश सपेहिया ने कहा कि मानवाधिकार मनुष्य के वे मूलभूत सार्वभौमिक अधिकार हैं, जिनसे मनुष्य को नस्ल, जाति, राष्ट्रीयता, धर्म, लिंग आदि किसी भी दूसरे कारक के आधार पर वंचित नहीं किया जा सकताl वहीं द्रोणाचार्य महाविद्यालय से आए हुए प्रशिक्षु छात्रों, व विद्यालय के शिक्षकों ने बच्चों को मानव अधिकारों के बारे में अवगत करवाया। प्रशिक्षु छात्र निर्मल ने बच्चों को भाषण द्वारा बताया कि संयुक्त राष्ट्रसंघ की ओर से प्रति वर्ष 10 दिसंबर को मानव अधिकार दिवस मनाया जाता है। सन् 1945 में अपनी स्थापना के समय से ही संयुक्त राष्ट्रसंघ ने मानव अधिकारों की अभिवृद्धि एवं संरक्षण के लिए प्रयास आरंभ किए। इसके मद्देनजर मानव अधिकार आयोग ने अधिकारों की एक विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की जिसे संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 10 दिसंबर, 1948 को स्वीकार किया। इस अवसर पर प्रधानचार्य राकेश सपेहिया, मान सिंह,अंजू कुमारी,जगमोहन पठानिया, मोनिका शर्मा,कुलदीप कुमार,विजय राणा सहित समस्त अध्यापक ,प्रशिक्षु छात्र व स्कूली बच्चे मौजूद रहे।
