प्रदेश के मुख्यमंत्री में नेतृत्व की कमी- संदीप सांख्यान

--Advertisement--

Image

बिलासपुर- सुभाष चंदेल

कांग्रेस सेवादल के जिला महासचिव, पूर्व महासचिव व प्रवक्ता जिला कांग्रेस व हमीरपुर संसदीय क्षेत्र कांग्रेस के पूर्व समन्वयक संदीप सांख्यान ने आज बिलासपुर की सदर विधानसभा क्षेत्र में माननीय मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने 287.67 करोड़ रुपये की परियोजनाओं के शिलान्यास और उद्घाटन रखे थे उनके बारे में सवाल खड़े करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जी मे नेतृत्व और इच्छा शक्ति की भारी कमी है।

जिला प्रशासन व विभिन्न विभागों में लाखों रुपयों की साजो सजावट भी की थी, जगह जगह पर स्वागत व तोरण द्वारा भी लगाए गए थे। जिला का सारा प्रशासनिक अमला पिछले कई दिनों से अपने रोजमर्रा और लोकहित से जुड़े कामों को छोड़ कर माननीय मुख्यमंत्री जी के सदर विधानसभा क्षेत्र के दौरे को लेकर पलक पावड़े बिछा कर बैठा था।

जगह-जगह से आशा वर्करों को मुख्यमंत्री जी की पब्लिक मीटिंग की संख्या बढ़ाने के लिए भी बुलाया गया था। लेकिन लगता है कि मुख्यमंत्री जी बारिश के चलते बिलासपुर में नहीं आए, क्योंकि उड़नखटोला नहीं उड़ पाना था। लेकिन अगर इस विषय को दूसरी दृष्टि से देखें तो लगता है कि मुख्यमंत्री जी मे भारी इच्छा शक्ति की भी कमी रही होगी।

थोड़ा सा यदि भूतपूर्व मुख्यमंत्रियों की इच्छा शक्ति पर नजर डाली जाए तो डॉ परमार के जमाने मे सड़क सुविधाएं भी अच्छी नहीं थी तब वह बरसात के दिनों में लोंगो तक पहुँचने में कोई कमी नही रखते अपने गंतव्य और कार्यक्रमों में अग्रिम समय में पहुंचते थे, यही नहीं रही बात स्व. वीरभद्र सिंह जी की उनको यदि इस तरह के कार्यक्रमों में जाना होता था तो वह रात्रि में ही पहुंच जाते थे।

80 से ज्यादा वसंत देख चुके स्व वीरभद्र सिंह की इच्छा शक्ति इतनी प्रबल होती थी कि एक बार बिलासपुर से उनको कुल्लू जाना था, शिमला से मौसम विभाग से पता चला कि कल सुबह मौसम ठीक नहीं होगा और हैलीकॉप्टर नहीं आ पाएगा, समय रात के साढ़े नौ बजे का था और स्व वीरभद्र सिंह अपने काफिले के साथ रात को ही बिलासपुर परिधि गृह से कुल्लू के निकल पड़े थे, यह होती है एक मुख्यमंत्री की इच्छा शक्ति।

पर इस पूरे वक्तव्य के पीछे जो भाव कहीं पर खटकता है कि मुख्यमंत्री जी तो मौसम की खराबी की वजह से नहीं आए, आजकल उद्घाटन और शिलान्यास भी ऑनलाइन हो जाते है तो जो तामझाम व खर्चा बिलासपुर में किया गया क्या उसका वहन अब मुख्यमंत्री कार्यलय करेगा, क्योंकि सरकार तो पहले ही घाटे की वित्त व्यवस्था से चल रही है।

इतने बड़े मुख्यमंत्री जी के आयोजन पर किए गए खर्च और धाम और लोंगो और कर्मचारियों को लाने ले जाने की जिम्मेदारी किसकी रहेगी यह सच मे जनता के पैसों का दुरुपयोग नहीं तो और क्या है वह भी इस समय में जब मौसम विभाग आने वाले 10 दिनों की मौसम के बारे में अग्रिम सूचना दे देता है तो इससे साफ संदेश भी मिलता है कि मुख्यमंत्री मे भारी इच्छा शक्ति की कमी है।

--Advertisement--
--Advertisement--

Share post:

Subscribe

--Advertisement--

Popular

More like this
Related

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का द्रोणाचार्य स्नातकोत्तर महाविद्यालय रैत में आयोजन

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का द्रोणाचार्य स्नातकोत्तर महाविद्यालय रैत में...

डील का असर: होर्मुज लांघने वाले जहाजों को 60 दिन टैक्स माफ, ईरान उठाएगा खर्च

हिमखबर डेस्क ईरान के सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (एसएनएसई) ने...

NEET अभ्यर्थियों को HRTC में मुफ्त यात्रा, 20 से 22 जून तक नहीं लगेगा किराया

हिमखबर डेस्क हिमाचल प्रदेश में नीट परीक्षा के अभ्यर्थियों को...

न पार्किंग की व्यवस्था, न श्रद्धालुओं के चलने का रास्ता… हिमाचल के चामुंडा धाम में चरमराई व्यवस्था

हिमखबर डेस्क प्रसिद्ध श्री चामुंडा नंदिकेश्वर धाम मंदिर में इन...