
शिमला, जसपाल ठाकुर
हिमाचल प्रदेश में भी म्यूकोरमाइकोसिस(ब्लैक फंगस संक्रमण) को एक साल की अवधि के लिए महामारी घोषित कर दिया गया है। इस संबंध में प्रदेश सरकार की ओर से शुक्रवार शाम को हिमाचल प्रदेश महामारी रोग म्यूकोरमाइकोसिस नियम 2021 की अधिसूचना जारी कर दी गई है।
स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी की ओर से जारी अधिसूचना के तहत सभी सरकारी और निजी अस्पताल ब्लैक फंगस की स्क्रीनिंग, निदान और प्रबंधन के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय, आईसीएमआर की ओर से समय-समय पर जारी दिशानिर्देशों का पालन करेंगे। म्यूकोरमाइकोसिस को लेकर कोई भी व्यक्ति, संस्थान व संस्था स्वास्थ्य विभाग की पूर्व अनुमति के बिना किसी सूचना या सामग्री का प्रसार नहीं कर सकेंगे।
महामारी से संबंधित नियमों की अनुपालना व निगरानी के लिए हर जिले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया जाएगा। बता दें बीते दिन इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज में ब्लैक फंगस का पहला मामला सामने आया था। 52 वर्षीय कोरोना पॉजिटिव महिला के टेस्ट करवाने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने इसकी पुष्टि की थी।
इसके बाद प्रदेश सरकार ब्लैक फंगस को लेकर अलर्ट है। केंद्र सरकार ने गुरुवार को सभी राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों को इसे महामारी घोषित करने के निर्देश दिए थे। इसके तहत हरियाणा, राजस्थान, पंजाब, तेलंगाना, तमिनाडू इसकी अधिसूचना जारी कर दी। अब हिमाचल ने भी इसकी अधिसूचना जारी कर दी है।
सांस के जरिये वातावरण में मौजूद फंगस हमारे शरीर में पहुंचते हैं। शरीर में कहीं घाव हो तो वहां से भी ये शरीर में फैल सकता है। इसकी शुरुआती दौर में पहचान नहीं की तो जानलेवा साबित भी हो सकती है। इससे आंखों की रोशनी जा सकती है।
फंगस के लक्षण
शरीर में अगर इन्फेक्शन हैं तो चेहरे का एक तरफ से सूजना, सिरदर्द, नाक बंद होना, उल्टी, बुखार, चेस्ट पेन, साइनस कंजेशन, मुंह के ऊपरी हिस्से या नाक में काले घाव होना इसके लक्षण हैं।
किन लोगों को होता है इंफेक्शन
जिन्हें मधुमेह, कैंसर या फिर जिनका ऑर्गन ट्रांसप्लांट हुआ हो, उन्हें यह हो सकता है। इसके अलावा जिन लोगों को कोरोना हो रहा है, उनका भी इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है। अगर किसी हाई डायबिटिक मरीज को कोरोना होता है तो उसका इम्यून सिस्टम और ज्यादा कमजोर हो जाता है। ऐसे लोगों में ब्लैक फंगस इन्फेक्शन फैलने की आशंका ज्यादा होती है।
लक्षण होने पर क्या करें
शरीर में अगर ब्लैक फंगस के लक्षण दिखें तो सबसे पहले सिर्फ डॉक्टर के पास जाकर इसकी जांच कराएं और डॉक्टरों की सलाह से दवा लें।
