
शिमला, जसपाल ठाकुर
बहुचर्चित गुड़िया रेप व मर्डर केस में बुधवार को अदालत में सुनवाई होगी। बीती सुनवाई के दौरान कोर्ट ने दोनों पक्षो की ओर से लंबी दलीलों के बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। मामले में सीबीआई पुख्ता सबूत पेश कर चुकी है। चार्जशीट के मुताबिक अनिल कुमार उर्फ नीलू ने 4 जुलाई, 2017 को गुड़िया से दुष्कर्म किया और बाद में उसका गला घोंट कर उसे मौत के घाट उतार दिया।
सीबीआई जांच के दौरान इस बात का भी खुलासा हुआ कि गुड़िया व आरोपी के बीच गुड़िया के ऊपर थूकने को लेकर कहासुनी हुई थी और दोनों के बीच हाथापाई हुई थी। चार्जशीट में यह बताया गया है कि अनिल उर्फ नीलू आदतन अपराधी है। उसके खिलाफ वर्ष 2015 में पुलिस स्टेशन सराहां जिला सिरमौर में भारतीय दंड संहिता की धारा 307, 354, 326, 323 व 324 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इस मामले में उसे 14 जुलाई, 2016 को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी।
बता दें कि 4 जुलाई, 2017 को महासू स्कूल से वापस लौटने के बाद गुड़िया रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता हो गई थी। इसके बाद 6 जुलाई की सुबह उसका शव महासू के समीप जंगल में पड़ मिला था, ऐेसे में मामले की जांच को लेकर एसआईटी का गठन किया गया। इसके बाद मामला सीबीआई को सौंपा दिया गया। लंबी जांच के बाद सीबीआई ने अप्रैल, 2018 में चरानी का काम करने वाले नीलू को गिरफ्तार कर मामले को सुलझाने का दावा किया।
