हिमखबर डेस्क
कांगड़ा जिले के धर्मशाला के पर्यटन मानचित्र पर एक और बड़ी सौगात जुड़ने जा रही है। हिमाचल प्रदेश में साहसिक पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाली बहुप्रतीक्षित नड्डी जिपलाइन परियोजना अब तेजी से आगे बढ़ रही है।
परियोजना से जुड़े विभिन्न विभागीय कार्यों और औपचारिकताओं को गति देने के लिए 18 मई को उप-मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानियां की अध्यक्षता में रोपवे एवं तीव्र परिवहन विकास निगम (RTDC) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
इस बैठक में परियोजना की वर्तमान प्रगति, भूमि चयन, NOC और वन भूमि डायवर्जन से जुड़े मामलों पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने जानकारी दी कि नड्डी जिपलाइन परियोजना का आवंटन 18 फरवरी 2026 को किया जा चुका है।
प्रस्तावित जिपलाइन स्टेशनों के लिए भूमि के अंतिम चयन के लिए 5 मई को हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग, हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड, वन विभाग और राजस्व विभाग के अधिकारियों द्वारा संयुक्त निरीक्षण किया गया. संबंधित पटवारियों एवं फील्ड कानूनगो द्वारा राजस्व अभिलेखों पर हस्ताक्षर की प्रक्रिया भी पूर्ण कर ली गई है।
केवल सिंह पठानियां, उप-मुख्य सचेतक, हिमाचल प्रदेश सरकार के बोल
नड्डी जिपलाइन परियोजना हिमाचल प्रदेश में एडवेंचर टूरिज्म को नई पहचान देगी। इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के व्यापक अवसर पैदा होंगे। प्रदेश राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर और ज्यादा मजबूत पहचान बनाने में सफल होगा।
डीसी कांगड़ा को जारी किए ये निर्देश
उप-मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानियां ने डीसी कांगड़ा को NAC प्रमाण-पत्र जारी करने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। उसके साथ ही संबंधित विभागों को जरूरी NOC जल्द जारी करने और वन विभाग के प्रभागीय वन अधिकारी को पेड़ों की गणना एवं अन्य औपचारिकताएं जल्द पूरी करने के निर्देश दिए, ताकि परियोजना को बिना देरी के आगे बढ़ाया जा सके।

