सुख के नाम पर शुल्क की सरकार, अब महिलाओं से भी ले रहे ऑपरेशन के पैसे : जयराम ठाकुर

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हिमखबर डेस्क

शिमला से जारी बयान में नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि आज राष्ट्रीय मातृत्व सुरक्षा दिवस है। यह दिन कस्तूरबा गांधी जी के जन्मदिन के दिन मनाया जाता है। उनके महिलाओं के स्वास्थ्य, स्वच्छता और समाज सेवा में महत्वपूर्ण योगदान को देखते हुए उन्हें सम्मान देने के लिए यह दिन मनाया जाता है।

इस दिन पूरे देश में मातृत्व को सशक्त करने, जच्चा-बच्चा की सुरक्षा, इनकी मृत्युदर कम करने के लिए, कुपोषण से बचाने के लिए अभियान चलाया जाता है। इसके लिए वेलफेयर स्टेट बड़ी-बड़ी योजनाओं की घोषणा करती है। लेकिन सुक्खू जी व्यवस्था परिवर्तन वाली शुल्क की सरकार चला रही है इसलिए उन्होंने मातृशक्ति के लिए राज्य स्तरीय कमला नेहरू अस्पताल में मेजर ऑपरेशन सहित अन्य चीजों के लिए 4700 रुपए की फीस लगा दी है।

सरकार हमेशा एक वेलफेयर स्टेट के रूप में कार्य करती है, हर जगह शुल्क लगाना सरकार का काम नहीं है। हिम केयर के तहत यदि लोगों को निःशुल्क इलाज मिल रहा है तो अब सरकार उसमें तमाम तरह की फीस क्यों जोड़ रही है? सुक्खू सरकार अब हिम केयर के चरणबद्ध खात्मे की तरफ़ बढ़ रही है। पहले दिन से ही सुक्खू सरकार को भाजपा सरकार की योजनाएं चुभ रही थी, जिसे अब बंद करने का काम लगातार चल रहा है।

जयराम ठाकुर ने कहा कि हैरानी की बात यह है कि मातृत्व के लिए सर्जरी करवाने वाली महिलाओं से अब रोटी के भी पैसे लिए जाएंगे। मरहम पट्टी के लिए भी पैसा लिया जाएगा। इसके अलावा, सर्जन, कंसल्टेशन फीस, एनेस्थीसिया, ब्लड ट्रांसफ्यूजन, ऑक्सीजन के भी चार्ज लिए जा रहे हैं। हिम केयर में यह सब फ्री था, अब पैसा लगेगा।

सरकार द्वारा हिम केयर के तहत आपूर्ति करने वालों का भुगतान रोके जाने की वजह से वैसे ही हालत खराब हैं, ऐसे में सुख की सरकार का यह शुल्क पैकेज प्रदेश के लोगों पर भारी पड़ेगा। सरकार ने हिम केयर को बंद करने की चरणबद्ध शुरुआत कर दी है। सोचने में ही यह हास्यास्पद है कि 1500 रुपए की इंदिरा गांधी सम्मान निधि की झूठी गारंटी देकर सत्ता में आई सरकार कस्तूरबा गांधी जी के जन्मदिन पर कमला नेहरू अस्पताल में मातृशक्ति से ऑपरेशन के शुल्क वसूलने का फरमान जारी किया गया है।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सभी सरकारों ने महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य लाभ के लिए संवैधानिक व्यवस्था के अनुरूप विशेष वर्ग का दर्जा दिया और पिछली भाजपा सरकार ने एक कदम और बढ़ाकर हिमकेयर के अंतर्गत निःशुल्क इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई ताकि महिला कल्याण सुनिश्चित किया जा सके।

आज भी केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, जननी सुरक्षा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान, जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम, आयुष्मान भारत – प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, किलकारी योजना, राष्ट्रीय आयरन प्लस पहल जैसी योजनाएं चलाई जा रही हैं जिससे जननी-शिशु सुरक्षा चक्र को और सुदृढ़ किया जा सके। लेकिन हिमाचल प्रदेश में सुख के नाम पर शुल्क की सरकार चल रही है, जिसका एक मात्र ध्येय शुल्क लगाकर हर तरीके से प्रदेश के लोगों को त्रस्त किया जा सके।

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