हिमखबर डेस्क
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के धर्मशाला स्थित क्षेत्रीय अध्ययन केंद्र की जमीन पर अवैध कब्जों का मामला सामने आया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है। केंद्र की भूमि पर कुछ लोगों द्वारा लंबे समय से कब्जा किया जा रहा है, जिससे संस्थान के विकास कार्य प्रभावित हो रहे थे।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर महावीर सिंह ने इस गंभीर मामले को जिला प्रशासन कांगड़ा के समक्ष उठाया है। उन्होंने उपायुक्त कांगड़ा को स्थिति से अवगत करवाते हुए अवैध कब्जों को हटाने में प्रशासनिक सहयोग की मांग की है।कुलपति ने स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालय की जमीन सार्वजनिक संपत्ति है और इस पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने कब्जाधारियों को नोटिस जारी कर जमीन खाली करने के निर्देश दिए हैं।
जमीन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए केंद्र परिसर में तारबंदी का कार्य भी शुरू करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। प्रशासन का मानना है कि फेंसिंग होने से भविष्य में इस तरह के अतिक्रमण को रोका जा सकेगा। धर्मशाला स्थित इस केंद्र में स्नातकोत्तर कोर्स के साथ-साथ कई प्रोफेशनल कोर्स भी संचालित किए जाते हैं।

क्या कहते हैं कुलपति
कुलपति प्रोफेसर महावीर सिंह ने बताया कि तारबंदी के अलावा केंद्र में अन्य विकास कार्यों को भी गति दी जाएगी। विश्वविद्यालय प्रशासन का लक्ष्य है कि धर्मशाला केंद्र को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाए, ताकि छात्रों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिल सके।
कब्जे न हटाने पर होगी कार्रवाई
विश्वविद्यालय और जिला प्रशासन दोनों ने साफ किया है कि अवैध कब्जों को हटाने के लिए कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यदि नोटिस के बावजूद कब्जा नहीं हटाया गया, इसके बाद कानूनी कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी। विवि प्रसाशन ने अपने राजस्व से संबंधित कर्मचारियों की टीम को भी धर्मशाला भेजा है।

