कमला नेहरू अस्पताल शिफ्टिंग पर सियासत गरम, महिला संगठनों का विरोध प्रदर्शन

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हिमखबर डेस्क

अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति हिमाचल प्रदेश राज्य कमेटी ने सरकार के उस फैसले की कड़ी निंदा की है जिसके तहत सरकार ने राज्य के एकमात्र मातृ एवं शिशु अस्पताल कमला नेहरू से स्त्री रोग की ओपीडी को आईजीएमसी को और मात्र एवं शिशु अस्पताल को चमियाना शिफ्ट करने की कड़ी निंदा की है और इस फैसले को महिला विरोधी करार दिया है। जिसे सरकार इसको खाली करवा कर विधायकों के लिए हॉस्टल बनाने जा रही है।

कमला नेहरू अस्पताल ब्रिटिश के समय का अस्पताल है जहां महिलाओं से सम्बन्धित सभी रोगों का इलाज किया जाता है और गर्भवती महिलाओं की डिलीवरीया भी की जाती है। सरकार महिलाओं को अगर रोबोटिक सर्जरी देना चाहती है तो पहले तो इनकी सर्जरी बहुत महंगी होगी और सभी मरीज उसे कर नहीं पाएंगे और हर महिला मरीज इस सर्जरी को प्राथमिकता भी नहीं देगी। सरकार के इस फ़ैसले से महिलाओं को बहुत ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

आईजीएमसी में पहले ही मरीजों का बोझ है और सुविधाओं का अभाव है ऐसे में महिलाओं की गायनी ओपीडी को शिफ्ट करना बिल्कुल भी वाजिब नहीं है क्योंकि कमला नेहरू अस्पताल एक ऐसी जगह पर है जहां ज्यादा भीड़ भी नहीं है और महिला मरीज आसानी से उस अस्पताल में पहुंच सकती है। इस अस्पताल में महिलाओं को एक ही छत के नीचे ओपीडी, एक्सरे, अल्ट्रासाउंड, ब्लड टेस्ट, गायनी और एंटीनेटल इकट्ठी, ओटी, आपातकालीन सेवाएं और स्पेशल वार्ड सिर्फ महिला मरीज की प्राथमिकता ही होती है और उन्हें जल्द उपचार मिलता है।

जनवादी महिला समिति मांग करती है कि इस अस्पताल को ही सदृढ़ किया जाए और पुराने भवनों की जगह नए भवन बनाकर महिलाओं को आधुनिक अतिरिक्त सुविधा दी जाए और डॉक्टरों की भर्ती नियमित रूप से की जाए।
सरकार अगर इस फैसले को बापिस नहीं लेती है तो जनवादी महिला समिति इस फैसले के खिलाफ एकजुट होकर सरकार के खिलाफ संघर्ष करेगी।

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