कुल्लू, 22 मार्च – हिमखबर डेस्क
यहाँ आज यूरोकिड्स इंटरनेशनल प्रीस्कूल के वार्षिक दिवस समारोह के दौरान नन्हे-मुन्ने बच्चों ने अपनी जीवंत प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया। ‘लिटिल हैंड्स, बिग चेंज’ थीम पर आधारित इस कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाना था।
प्री-नर्सरी और नर्सरी कक्षाओं के छोटे बच्चों ने बम्बल बी डांस और लोकप्रिय ‘आहा टमाटर’ प्रस्तुति सहित ऊर्जावान कार्यक्रमों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उत्साह को और बढ़ाते हुए, बच्चों ने विभिन्न जानवरों की वेशभूषा में रैंप वॉक भी किया, जो कार्यक्रम के पर्यावरण संदेश से रचनात्मक रूप से जुड़ा हुआ था।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथियों के प्रेरणादायक सत्र भी आयोजित किए गए। राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त डॉ. श्रुति मोरे भारद्वाज ने प्रारंभिक बाल्यावस्था में स्क्रीन के प्रभाव के गंभीर मुद्दे पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि स्क्रीन एकतरफा संवाद प्रदान करती है जिसमें कोई प्रतिक्रिया नहीं होती, और दो वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए स्क्रीन टाइम से बचने तथा छह वर्ष तक के बच्चों के लिए प्रतिदिन अधिकतम एक घंटे तक सीमित रखने की सलाह दी।
समाजसेवी कृति काप्ता ने जीवन के हर चरण में, विशेष रूप से बच्चों के लिए, योग के महत्व को रेखांकित किया। वरिष्ठ संवाददाता अभिनव ने प्रारंभिक वर्षों में बहुआयामी शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि आधुनिक प्रीस्कूल शिक्षा अब केवल अक्षरों और अंकों तक सीमित नहीं रही है।
उन्होंने बताया कि खेल-खेल में होने वाली गतिविधियों, जैसे मंच प्रस्तुतियों के माध्यम से समग्र विकास से बच्चों में आत्मविश्वास, सामाजिक कौशल, समन्वय और रचनात्मकता का विकास होता है।
कर सेवा दल के मनदीप सिंह ने स्कूल की पहल ‘यूरो दान उत्सव’ की सराहना की, जो बच्चों में छोटी उम्र से ही सामाजिक कार्यों के लिए दान की भावना विकसित करती है, और अन्य स्कूलों से भी ऐसे प्रयास अपनाने का आग्रह किया।
कार्यक्रम का समापन बच्चों को प्रमाण पत्र वितरित कर किया गया। अभिभावकों ने इस शानदार और सार्थक आयोजन के लिए स्कूल प्रबंधन और शिक्षकों की सराहना की। (समाप्त)
कैप्शन: रविवार को कुल्लू में यूरोकिड्स प्रीस्कूल के वार्षिक समारोह के दौरान प्रस्तुति देते नन्हे बच्चे।

