हिमखबर डेस्क
हिमाचल सरकार पेट्रोल और हाई स्पीड डीजल पर उपकर यानी सेस लगाने जा रही है। यह अनाथ और विधवा महिलाओं पर खर्च होगा। इसके लिए राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश मूल्य वर्धित कर यानी वैट एक्ट में संशोधन करने जा रही है। 2005 के बाद अब 2026 में यह संशोधन हो रहा है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को इस बारे में एक विधेयक सदन में पेश कर दिया। एक्ट की धारा 6 क में संशोधन किया जा रहा है कि राज्य में प्रथम विक्रय के बिंदु पर पेट्रोल और हाई स्पीड डीजल पर प्रत्येक व्यापारी से अनाथ और विधवा उपकर नाम से जो पांच रुपए प्रति लीटर से अधिक नहीं होगा, सरकार द्वारा अधिसूचना के माध्यम से निर्धारित की गई जाने वाली दरों पर संग्रहित किया जाएगा।
इसके जरिए जुटाए जाने वाली धनराशि अनाथ और विधवा कल्याण निधि में जमा की जाएगी और इस निधि का इस्तेमाल अनाथ बच्चों और विधवाओं के कल्याण के लिए किया जाएगा। विधायक के उद्देश्यों और कारणों में यह बताया गया है कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि इस फैसले से उपभोक्ताओं पर कोई अनावश्यक बोझ न पड़े।
इस विधेयक को चर्चा के लिए बजट पेश करने के बाद लगाया जाएगा और इस समय स्पष्ट होगा कि राज्य सरकार इसे किस तरह रेगुलेट करती है। क्या इसका असर प्रति लीटर के हिसाब से डीजल या पेट्रोल के रेट पर पड़ेगा या नहीं।
गौरतलब है कि इससे पहले कैबिनेट में यह फैसला हुआ था और इस फैसले के अनुसार अब विधानसभा में बिल लाया गया है। पूरे देश में जीएसटी लागू होने के बाद भी पेट्रोल और डीजल अब भी वैट के दायरे में ही है, इसलिए इसी कानून में संशोधन की जरूरत थी।

