हिमख़बर डेस्क
प्रदेश के लाखों एपीएल परिवारों के लिए इस महीने की शुरुआत मायूस करने वाली रही है। महंगाई की मार और घरेलू बजट पर बढ़ते दबाव के बीच अब सरकारी डिपुओं से मिलने वाले राशन में भी कटौती कर दी गई है।
प्रदेश सरकार की नई व्यवस्था के तहत एपीएल परिवारों को डिपुओं में केवल 11 किलो आटा ही दिया जाएगा। जानकारी के अनुसार फरवरी महीने में एपीएल परिवारों को 13 किलो आटा उपलब्ध कराया गया था, जबकि जनवरी महीने तक हर परिवार को 14 किलो आटा मिलता रहा है।
गौर हो कि हिमाचल प्रदेश में एपीएल परिवारों की संख्या 12,19,362 है। इनमें से 11,58,522 परिवार एपीएल श्रेणी में आते हैं, जिनके राशन कार्ड में दर्ज कुल सदस्यों की संख्या 39,28,082 है।
इसके अलावा प्रदेश में 60,840 टैक्स पेयर राशनकार्ड धारक हैं, जिनके कुल सदस्य 2,20,258 हैं। प्रदेश सरकार ने एपीएल परिवारों के लिए सस्ते राशन का आबंटन कर दिया है।
इसके तहत सभी जिलों के लिए 13,779 मीट्रिक टन गेहूं और 6,375 मीट्रिक टन चावल का आबंटन किया गया है। इस संबंध में डिपोधारकों को आवश्यक परमिट भी जारी किए जा चुके हैं। हालांकि आटे की मात्रा में कटौती की गई है, लेकिन चावल की मात्रा में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
मार्च महीने में भी एपीएल राशन कार्ड धारकों को पहले की तरह छह किलो चावल प्रति परिवार मिलेगा। डिपुओं में आटा 12 रुपए प्रति किलो और चावल 13 रुपए प्रति किलो की दर से दिया जा रहा है।
आटे में हुई कटौती ने एपीएल परिवारों की परेशानी जरूर बढ़ा दी है, जबकि चावल को लेकर फिलहाल उन्हें राहत बनी हुई है।

