हिमखबर डेस्क
पठानकोट-जोगिंद्रनगर रेल मार्ग पर 24 फरवरी को अंतिम ट्रायल सफल रहने के बाद अब रेलवे बोर्ड के तकनीकी इंजीनियर 27 और 28 फरवरी को एक स्पेशल ट्रेन से ओसीलेशन मॉनिटरिंग सिस्टम (ओएमएस) से रेल ट्रैक की जांच करेंगे।
24 फरवरी को रेल संरक्षा आयुक्त दिनेश चंद देशवाल की टीम ने जम्मू के डीआरएम विवेक कुमार के साथ पठानकोट से बैजनाथ तक छह कोच वाली रेलगाड़ी से चक्की खड्ड रेलवे पुल और रेल ट्रैक का निरीक्षण किया था और निरीक्षण के तुरंत बाद ही उत्तर रेलवे बोर्ड कार्यालय दिल्ली से ओएमएस उपकरण से रेल ट्रैक के निरीक्षण का पत्र जारी कर दिया है।
उत्तर रेलवे मंडल फ़िरोज़पुर डीआरएम विवेक कुमार के बोल
उत्तर रेलवे मंडल फ़िरोज़पुर के डीआरएम विवेक कुमार ने बताया कि भारतीय रेलवे में ओएमएस एक पोर्टेबल, कॉम्पैक्ट और मजबूत इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है। इसका उपयोग रेलगाड़ियों के ऊर्ध्वाधर और पार्श्व त्वरण को मापने और रिकॉर्ड करने के लिए किया जाता है, ताकि ट्रैक की गुणवत्ता, सुरक्षा और स्थिरता की निगरानी की जा सके।
इसका उद्देश्य वास्तविक समय में सवारी आराम (त्वरण) को रिकॉर्ड कर ट्रैक के दोषों का पता लगाता है और ट्रैक रखरखाव का आकलन करता है और रखरखाव की आवश्यकता वाले क्षेत्रों की पहचान करने के लिए राइड इंडेक्स (आरआई), ऊर्ध्वाधर त्वरण और पार्श्व त्वरण को मापता है। निरीक्षकों और इंजीनियरों की ओर से ले जाने के लिए डिज़ाइन की गई है, आमतौर पर एक कोच में और अक्सर विशेष निरीक्षण ट्रेनों के साथ इसका उपयोग किया जाता है।
उन्होंने बताया कि ओएमएस ट्रायल के बाद ही पठानकोट से बैजनाथ तक सीधी रेल सेवा शुरू कर दी जाएगी। इसके लिए मंडल कार्यालय में रेलगाड़ियों कि समयसारिणी बनाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

