हिमखबर डेस्क
गणतंत्र दिवस के अवसर पर हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य की जेलों में बंद कैदियों को बड़ी राहत देते हुए सजा में छूट देने की घोषणा की है। यह निर्णय अच्छे आचरण वाले पात्र कैदियों के लिए लिया गया है।
प्रदेश की विभिन्न जेलों में बंद 1083 कैदियों में से 397 कैदी इस रिमिशन का लाभ उठाएंगे। यह छूट 26 जनवरी की पूर्व संध्या से प्रभावी होगी। महानिदेशक, कारागार एवं सुधार सेवाएं अभिषेक त्रिवेदी ने इस बारे में आदेश जारी किए हैं।
राज्य सरकार द्वारा जारी की गई अधिसूचना के अनुसार कैद की अवधि के आधार पर रिमिशन की अवधि अलग-अलग निर्धारित की गई है।
दस वर्ष से अधिक या आजीवन कारावास की सजा काट रहे कैदियों को 45 दिन की छूट दी जाएगी। पांच वर्ष से अधिक और दस वर्ष तक की सजा वाले बंदियों को 30 दिन, तीन वर्ष से अधिक और पांच वर्ष तक की सजा वालों को 21 दिन, एक वर्ष से अधिक और तीन वर्ष तक की सजा वाले कैदियों को 15 दिन तथा छह माह से अधिक और एक वर्ष तक की सजा काट रहे कैदियों को सात दिन की छूट मिलेगी।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह रिमिशन केवल उन्हीं कैदियों को दी जाएगी, जिनका जेल में आचरण संतोषजनक रहा है और जिन्होंने नियमों का पालन किया है।
जेल प्रशासन द्वारा पात्र कैदियों की सूची तैयार कर नियमानुसार रिमिशन लागू की जाएगी। सजा में छूट का यह निर्णय भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 473, दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 432 तथा हिमाचल प्रदेश जेल मैनुअल 2021 के अध्याय-18 के तहत प्रदान की गई है।
यह अधिकार राज्य सरकार को कानून के तहत प्राप्त है। यह फैसला गणतंत्र दिवस की भावना के अनुरूप मानवीय दृष्टिकोण को दर्शाता है।
गंभीर अपराधियों को रखा गया बाहर
इस सजा की छूट से कुछ श्रेणियों के कैदियों को बाहर रखा गया है। जिसमें एनडीपीएस एक्ट, पोक्सो एक्ट, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, यूएपीए, आतंकवाद, फिरौती के लिए अपहरण, आदतन अपराधियों, पैरोल से फरार रहे बंदियों तथा अन्य गंभीर अपराधों में दोषी कैदियों को इस छूट का लाभ नहीं मिलेगा।

