एयरपोर्ट विस्थापितों के लिए अवार्ड बनाने का काम अगले महीने से
हिमखबर डेस्क
प्रदेश की बड़ी एवं महत्त्वाकांक्षी परियोजना कांगड़ा एयरपोर्ट से प्रभावित होने वाले परिवारों के मुआवजा राशि बनाने का काम शुरू कर दिया जाएगा। अक्तूबर में नोटिस प्रक्रिया का एक माह पूरा होने वाले प्रभावित क्षेत्रों के अवार्ड बनाने का काम शुरू कर दिया जाएगा और उसके बाद प्रभावितों को मुआवजा राशि जारी कर एयरपोर्ट विस्तार का काम भी हो जाएगा।
जिला प्रशासन ने इसके लिए तैयारी कर ली है। प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया आगामी प्रक्रिया शुरू करेगी। जिला प्रशासन ने अधिगृहीत होने वाली भूमि के मालिकों को आरएफसीटीएलए एंड आरआर एक्ट (राइट टू फेयर कंपनसेशन एंड ट्रांसपेरेंसी इन लैंड एक्विजिशन रिहेबिलिटेशन एंड रिसेटलमेंट एक्ट-2013) की धारा 21 (1) के तहत आखिरी नोटिस भेज दिए हैं। एयरपोर्ट के विस्तारीकरण योजना के अंतर्गत कांगड़ा और शाहपुर उपमंडल के कुल 3,566 भू-मालिक प्रभावित हो रहे हैं।

अधिगृहीत होने वाली कुल भूमि में उपमंडल कांगड़ा के 2164, जबकि शाहपुर उपमंडल के अंतर्गत कुल खसरा संख्या 874 है। कुल 3191 कनाल भूमि का अधिग्रहण होना है। जिला प्रशासन ने विस्तारीकरण की जद में आने वाले कुल 14 गांवों के इन भू-मालिकों को अपना पक्ष रखने के लिए तिथिवार शेड्यूल भी जारी कर दिया है।
कांगड़ा एयरपोर्ट के विस्तार के लिए नोटिफिकेशन 21 की अधिसूचना के बाद लोगों से आपत्तियां ली जा रही हैं। इसके लिए प्रभावितों को एक महीने का समय दिया गया है। प्रभावितों को अपना पक्ष रखने के लिए तिथियों की घोषणा कर दी है। जिस राजस्व मुहाल की सुनवाई हो जाएगी, उस क्षेत्र का अवार्ड बनाने का काम शुरू कर दिया जाएगा।
इन गांवों के लोग इस तिथि को बता सकते हैं समस्याएं
निर्देशों के अनुसार राजस्व मुहाल जुगहेड़ के प्रभावित 18 अक्तूबर, भाड़ोट के लोग 19 को, कियोडियां के 21, रछियालू के 22, सनौरा के 24, गगल के 26, ढुगियारी खास के लोग 29 अक्तूबर को अपनी समस्याएं रख सकते हैं। वहीं बाग के लोग चार नवंबर, बरसवालकड़ के लोग पांच, मुंगरेर के छह, सहोड़ा के सात, झिकली इच्छी के आठ और बल्ला मुहाल के लोग 11 नवंबर को अपना पक्ष प्रशासन के समक्ष रख सकते हैं। गौर हो कि रनवे को 3110 मीटर करने का प्रस्ताव है, जिसके लिए भूमि अधिग्रहण की अधिसूचना जारी हो चुकी है।

