कुल्लू – अजय सूर्या
भुंतर का बेली ब्रिज यहां के यातायात के लिए एक जरूरी पुल है। बीते कुछ सालों से कई बार इसकी मरम्मत हुई, इस दौरान पुल बंद होने पर लोगों को दिक्कतों का भी सामना करना पड़ा। भुंतर से मणिकरण को जोड़ने वाला ये भुंतर का बैली ब्रिज लोगों के लिए एक जरूरी संपर्क मार्ग है। यहीं से भुंतर की सब्जी मंडी में आने वाले वाहनों की आवाजाही रहती है।
भुंतर बेली ब्रिज को अब तोड़ कर पक्का किया जाएगा। दशहरा उत्सव के बाद इसके निर्माण के लिए टेंडर की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। लोक निर्माण विभाग के द्वारा इस ब्रिज को पक्का करने के लिए 4 करोड़ 56 लाख रूपए की राशि स्वीकृत की गई है।

बीते 8 महीने से भुंतर का बैली ब्रिज बड़े वाहनों की आवाजाही के लिए बंद पड़ा है। जिस कारण गड़सा और मणिकरण जाने वाले वाहनों को अतिरिक्त सफर तय करना पड़ रहा है। अब यही उम्मीद है की इस ब्रिज के फिरे बनने से लोगों को राहत मिलेगी। जल्द ही अब बैली ब्रिज बनने के लिए टेंडर की प्रक्रिया शुरू होगी।
भुंतर बेली ब्रिज के डबल लाने बनने के बाद न सिर्फ भुंतर से गुजरने वाले स्थानीय लोगों बल्कि सब्जी मंडी आने वाले बागवानों को भी राहत मिलेगी। बैली ब्रिज के क्षतिग्रस्त होने के बाद से इससे बड़े वाहनों की आवाजाही बंद हो रखी है। जिसके चलते सब्जी मंडी तक समान लाने वाले बागवानों को 12 किलोमीटर का लंबा सफर तय करना पड़ रहा है। कई बार वैली ब्रिज के आसपास भी लोगों को जाम की समस्या का सामना करना पड़ता है लेकिन इसके डबललेन होने के बाद बागवानों को भी राहत मिलेगी।

