शिमला – नितिश पठानियां
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि वह नहीं चाहते थे कि उनके परिवार से कोई और चुनाव लड़े लेकिन हाईकमान के आदेश की अवहेलना भी नहीं कर पाया।
उन्होंने शिमला में मीडिया से बातचीत में कहा कि इस बार हाईकमान ने उन्हें दूसरी बार कहा कि आपकी पत्नी को चुनाव लड़ाना है। पहले लोकसभा चुनाव के दौरान कहा था कि आपको अपनी पत्नी को एमपी का चुनाव लड़ाना चाहिए, उस समय भी मैंने इंकार किया।
इस बार हाईकमान का सर्वे हुआ तो मेरी पत्नी कमलेश ठाकुर का नाम सबसे सशक्त प्रत्याशी के तौर पर सामने आया लेकिन मैंने फिर इंकार किया। उन्होंने कहा कि मैं चाहता हूं कि परिवार से एक ही आए लेकिन जिस प्रकार की राजनीतिक परिस्थिति राज्य में है उसको देखते चुनाव में एक सशक्त प्रत्याशी के तौर पर हाईकमान ने मेरी पत्नी को चुनाव लड़ाने की बात कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरी पत्नी राजनीतिक जीवन में मेरा घर और परिवार संभाल रही है, आगे भी संभालेगी लेकिन जब हाईकमान के आदेश आए तो उनकी अवहेलना नहीं कर सका। उन्होंने कहा कि वह अपने रूप में देहरा के विकास को आगे ले जाने के लिए अपनी पत्नी को भेज रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह वहां के विकास को गति देगी। वहां के लोगों और अधिकतर पंचायत प्रधानों ने मांग की तो चुनावी मैदान में उतरने का निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि जब देहरा की बात आई थी तो भी मैंने कहा था कि देहरा मेरा। उन्होंने कहा कि भविष्य में परिवार से ज्यादा तौर पर राजनीति में एक ही रहेगा।
पर्यटकों की सुरक्षा सरकार की जिम्मेदारी, पंजाब हमारा बड़ा भाई
मुख्यमंत्री ने जिला चम्बा से जुड़े एक मामले को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि पर्यटकों की सुरक्षा सरकार की जिम्मेदारी है। पंजाब हमारा बड़ा और हम छोटे भाई हैं।

