ज्वाली में जल शक्ति विभाग बिगाड़ रहा सड़कों की हालत

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जगह-जगह से पाइप गुजारने के लिए उखाड़ी जा रही सड़कें, लोक निर्माण विभाग मौन

ज्वाली – अनिल छांगू

ज्वाली विधानसभा क्षेत्र में जल शक्ति विभाग सड़कों की हालत को बिगाड़ रहा है। जल शक्ति विभाग के ठेकेदारों द्वारा सड़कों की निकासी नालियों में ही पाइपों को डाल दिया है और उनको दबाया तक नहीं गया है। जिस कारण लोक निर्माण विभाग जेसीबी लगाकर निकासी नालियों को निकाल नहीं पा रहा है।

इसके अलावा सड़कों से आरपार पाइप डालने के लिए जगह-जगह से सड़कों को ड्रिल मशीन व जेसीबी लगाकर खोदा जा रहा है तथा इसकी खुदाई भी मात्र एक इंच से भी कम की जाती है। जिसके चलते वाहनों के साथ यह पाइपें टूट कर कभी भी उलझ सकती हैं। जिन जगहों से पाइपें गुजारी जाती हैं वो जगहें तो नालियों जैसी बन जाती हैं।

जल शक्ति विभाग के ठेकेदार लोक निर्माण विभाग की परमिशन के बिना ही धड़ाधड़ सड़कों को ड्रिल मशीन व जेसीबीसे उखाड़ रहे हैं जबकि लोक निर्माण विभाग को इसकी कानोंकान खबर तक नहीं होती है। पेयजल पाइपें क्रास करने के लिए सड़कें लगातार उखाड़ी जा रही हैं जबकि लोक निर्माण विभाग कुंभकर्णी नींद सो रहा है। यही हाल रहा तो एक दिन सड़कें उखड़ी हुई सड़कों से पानी की पाइपें ही पाइपें दिख रही होंगी।

सड़कें उखाड़ने से सरकारी खजाने को चूना लग रहा है। लाखों रुपए बर्बाद हो रहे हैं। दोनों विभाग मिलीभगत के कारण एक-दूसरे पर कार्रवाई नहीं करते हैं तथा इसका खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है। भाजपा राज में भी ठेकेदारों द्वारा पाइपें डाली गईं जिनको दबाया नहीं गया और आज भी उस समय डाली गई पाइपें सड़कों किनारे खुली दिखाई देती हैं तथा अब कांग्रेस राज में भी वही स्थिति पैदा हो गई है।

बुद्धिजीवियों ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू व लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह से मांग की है कि इसकी जांच होनी चाहिए कि आखिरकार बिना परमिशन सड़कों को उखाड़ा कैसे जा रहा है।

जलशक्ति विभाग के एसडीओ पवन कौंण्डल के बोल 

वंही इस संबंध में जलशक्ति विभाग के एसडीओ पवन कौंण्डल ने कहा कि ठेकेदारों द्वारा अगर पाइपें सही ढंग से नहीं दबाई जा रही है तो जांच करके उन पर कार्रवाई की जाएगी ।

लोक निर्माण विभाग ज्वाली सहायक अभियंता अंकित चौधरी के बोल

इस बारे में लोक निर्माण विभाग ज्वाली के सहायक अभियंता अंकित चौधरी ने कहा कि अगर कोई पाइप सड़क क्रासिंग करके डालता है तो उसकी परमिशन लेनी होती है तथा पाइप को एक फिट तक दबाना होता है। अगर कहीं पाइपों को दबाया नहीं गया है तो उस पर एक्शन लिया जाएगा।

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