मंडी, 10 जुलाई – अजय सूर्या
हिमाचल प्रदेश में ब्यास नदी रौद्र रूप धारण कर चुकी है। करीब आधा दर्जन पुल व फुटब्रिज नदी की भेंट चढ़ चुके हैं। पुलिस के सामने एक अजीब स्थिति उस समय पैदा हो गई, जब मुख्यालय के समीप कूड़ा बीनने वाले नदी के किनारे झुग्गी-झोंपड़ियां खाली करने को तैयार नहीं हुए।
समाज का गरीब तबका इस बात का तर्क दे रहा था कि वो जीवन भर की कमाई को कैसे छोड़ दें। समस्या का समाधान न होने की स्थिति में मूसलाधार बारिश के बीच मंडी की पुलिस अधीक्षक सौम्या सांबशिवन उफनती नदी के किनारे पहुंची। करीब आधा घंटा काउंसलिंग के बाद लगभग 80 प्रवासियों को नदी के किनारे से हटाकर गुरुद्वारा में आश्रय दिया गया।
पुलिस अधीक्षक ने झुग्गी में रहने वालों को समझाया कि जीवन ही सबसे अनमोल है। ब्यास नदी के जलस्तर के कारण रविवार हो भी पंडोह बाजार में पानी दाखिल हो गया था। थुनाग से भी खौफनाक मंजर सामने आया था। ब्यास नदी के रौद्र रूप को लेकर प्रशासन कतई भी प्रवासियों को नदी के तट पर रहने की अनुमति नहीं दे सकता था।
खैर, पुलिस अधीक्षक सौम्या सांबशिवन की कोशिश पर तकरीबन 80 प्रवासी नदी के किनारे से निकासी को तैयार हो गए। उधर, जलभराव पर औट थाना को खाली करवा लिया गया है। एक-दो अन्य जगहों पर भी पुलिस ने घरों को खाली करवाया है।
उधर, एसपी सौम्या सांबशिवन ने कहा कि प्रवासी मजदूरों को रेस्क्यू करने के बाद गुरुद्वारा में आश्रय दिया गया है। सामाजिक संस्थाओं से खाने-पीने की व्यवस्था की अपील की जा रही है।

