भूकंप के बाद अलर्ट पर हिमाचल, ये है संवेदनशील इलाके

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भूकंप की दृष्टि से सवंदेनशील है पूरा हिमाचल, सिस्मिक जोन 4-5 के बीच आता है धर्मशाला, भूकंप की दृष्टि से सवंदेनशील है पूरा हिमाचल, विश्व के नौ देशों में देखी गई अफगानिस्तान के भूकंप की तीब्रता, भूकंप की गहराई ज्यादा होने से हिले दिल्ली, कांगड़ा और शिमला

धर्मशाला – व्युरो

भूकंप के लिहाज से पूरे देश में 4 सिस्मिक जोन हैं। धर्मशाला की बात करें तो यह सिस्मिक जोन 4 और 5 के बीच में आता है। पूरा हिमाचल भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील है, क्योंकि यहां टेक्नोनिक प्लेनस हैं, जो कि मेन बाउंड्री थ्रस्ट, मेन सेंट्रल थ्रस्ट और हिमालयन फ्रंटयल थ्रस्ट (जो चंडीगढ़ के पास से क्रास करता है) आजकल सक्रिय हैं, इनकी वजह से कभी भी भूकंप आ सकता है।

मंगलवार रात अफगानिस्तान में आए भूकंप के उत्तर भारत में दिखे प्रभाव पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश में कार्यरत स्कूल आफ अर्थ एंड एन्वायरमेंट साइंस के डीन प्रो. एके महाजन ने की। प्रो. महाजन ने कहा कि विश्व के नौ देशों में अफगानिस्तान के भूकंप की तीब्रता देखी गई है।

भूकंप की गहराई बहुत ज्यादा होने व सतह दूर होने के चलते इसका प्रभाव दिल्ली, धर्मशाला और शिमला में भी देखा गया। भूकंप का मैग्रीच्यूड 6.6 से 6.8 बताया जा रहा है। पहले तर्की में भूकंप आया, फिर अब अफगानिस्तान में भूकंप हुआ। नेपाल में वर्ष 2015 और 2022 में भूकंप हुआ। भारत की बात करें तो 1905 में भूकंप आया था, उसके बाद वर्ष 1968 और 1978 में भूकंप आया।

भूकंप की दृष्टि से भवन कमजोर

अफगानिस्तान में आए भूकंप से धर्मशाला, शिमला और दिल्ली के भवनों के हिलने पर प्रो. महाजन ने कहा कि इसका अर्थ है कि हमारे भवन भूकंप की दृष्टि से बहुत कमजोर है, क्योंकि अधिकतर भवन भूकंपरोधी नहीं है या साफ्ट सॉयल पर बने हुए हैं। बहुमंजिला भवन यदि साफ्ट सॉयल पर बनेंगे तो भूकंप से नुकसान होगा, नार्थ इंडिया में इस भूकंप का ज्यादा प्रभाव देखने को मिला है।

भूकंप रोधी तकनीक बारे सोचने की जरूरत

धर्मशाला में वर्ष 1986 में भूकंप आया था, उसके बाद आज तक भूकंप नहीं आया। पिछले कुछ समय में छोटे-छोटे भूकंप आने से कुछ एनर्जी रिलीज भी हुई है, लेकिन अभी भी काफी एनर्जी स्टोरड है, ऐसे में कहा जा सकता है कि आगे आने वाले दिनों में भूकंप के झटके आते रहेंगे। ऐसे में भूकंप रोधी तकनीक बारे सोचना जरूरी है। बड़ी तीब्रता का झटका आए तो पूरे हिमाचल में काफी नुकसान होने की संभावना है, फिर चाहे धर्मशाला हो या मंडी।

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