
शिमला – नितिश पठानियां
हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी में नई शिक्षा नीति लागू करने के बाद नया सिलेबस भी तैयार किया जा रहा है। इस सिलेबस को 31 मार्च तक तैयार किया जाएगा। अब दोबारा से के्रडिट को सेमेस्टर सिस्टम में लाया जाएगा।
नए सिलेबस में स्टूडेंट्स को 1400 सब्जेक्ट पढऩे की च्वाइस दी जाएगी। अप्रैल महीने में प्रदेश के सभी कालेजों में नए सिलेबस के मुताबिक स्टूडेंट्स पढ़ेंगे। एचपीयू प्रशासन गाइडलाइन के तहत ही सिलेबस बना रहा है।
डिपार्टमेंट के बोर्ड ऑफ स्टडीज और फैकल्टी की मीटिंग में इसे अप्रूव करने के बारे में विचार किया गया। नया सिलेबस स्टूडेंट्स को जॉब्स के लिए पहले से तैयार करेगा।
इसमें कई ऐसे विषय शामिल होंगे, जो कैरियर बनाने के लिए छात्रों को गाइड करेंगे। इसके लिए सैकड़ों वैल्यू एडेड कोर्स की बास्केट तैयार की जा रही है, ताकि स्टूडेंट अपनी च्वाइस के हिसाब से सब्जेक्ट का सेलेक्शन कर सकें।
एचपीयू में यूजी डिग्री कोर्स में 2013 में लागू रूसा (सीबीसीएस) सेमेस्टर सिस्टम में रही खामियों के चलते इसे अब तक पीजी कोर्स में लागू नहीं किया जा सका। यूजी में भी विश्वविद्यालय को फिर से ईयर सिस्टम लागू करना पड़ा था।
खास बात यह है कि अब स्नातकोत्तर की डिग्री अंकों पर नहीं, बल्कि क्रेडिट के आधार पर देगा। इसमें पीजी की दो साल की पढ़ाई में न्यूनतम सौ क्रेडिट लेने पर ही डिग्री मिलेगी। पहली बार एचपीयू नई शिक्षा नीति को प्रभावी ढंग से लागू करने जा रहा है।
यह है व्यवस्था
के्रडिट बेस्ड सेमेस्टर सिस्टम में पीजी की डिग्री हासिल के लिए न्यूनतम 100 क्रेडिट लेने जरूरी होंगे, जबकि अधिकतम 120 क्रेडिट मिलेंगे। कोर और इलेक्टिव कोर्स में 48-48 क्रेडिट देने की व्यवस्था रहेगी। चार क्रेडिट माइनर रिसर्च प्रोजेक्ट के छात्रों को देने की व्यवस्था रहेगी।
