
शिमला – नितिश पठानियां
हिमाचल में चर्चित (एचपी 99-9999) वीआईपी नंबर की एक करोड़ रुपए से अधिक बोली लगाने वाला दूसरा व्यक्ति भी फर्जी निकला है।
कोटखाई के वीआईपी नंबर एचपी 99-9999 के लिए एक करोड़ 11 लाख की बोली लगाने वाले शिमला के संजय ने भी 3 दिन बीत जाने के बावजूद अभी तक पैसे जमा नहीं करवाए हैं।
अब परिवहन विभाग की ओर से शुक्रवार को तीसरे आवेदक बद्दी के धर्मवीर को इस मामले में पैसा जमा करवाने के लिए 3 दिन का मौका दिया जाएगा।
धर्मवीर ने 1 करोड़ 500 रुपए की बोली लगाई है। इससे पहले सबसे ज्यादा बोली 1 करोड़ 12 लाख 500 रुपए की कांगड़ा के डमटाल के रहने वाले देशराज ने लगाई थी। देशराज ने भी तय 3 दिनों के समय में पैसा जमा नहीं करवाया था।
वीवीआईपी नंबरों को लेकर करोड़ों की बोली अब पूरी तरह से फर्जी नजर आ रही है। वहीं अब नियमों के अनुसार तीसरे व्यक्ति को समय दिया है। यदि उक्त व्यक्ति भी नंबर लेने नहीं आता है तो इस वीआईपी नंबरों की फिर से नीलामी होगी।
वहीं नंबरों पर इतनी अधिक बोली लगाने पर नए वाहन मालिकों ने नंबरों को लेकर गड़बड़ी किए जाने की आशंका जताई है।
वाहन मालिकों का कहना है कि बाहरी राज्य के लोग पहले स्कूटी जैसे सस्ते वाहनों पर करोड़ों रुपए की बोली लगाते हैं और अन्य लोग इतनी अधिक बोली जानकर नंबर लेने से पीछे हट जाते हैं तो अगली बार कम से कम बोली लगाकर इस तरह के वीवीआईपी नंबर खरीद लेेते हैं।
सरकार ने भी मांगी थी डिटेल
इस वीवीआईपी नंबर के लिए हुई नीलामी ने न सिर्फ राज्य सरकार का ध्यान खींचा है बल्कि इनकम टैक्स और अन्य एजैंसियों की नजर भी अब इस मामले पर है। परिवहन विभाग और जिला प्रशासन शिमला से कुछ एजैंसी ने संपर्क भी किया है।
यह संपर्क इसलिए किया जा रहा है ताकि बोली लगाने वालों एड्रैस पता किया जा सके। हालांकि परिवहन विभाग के पास पूरा पता भी जल्द आ जाएगा। सरकार ने भी इस बारे में डिटेल मांगी थी।
