
फतेहपुर – अनिल शर्मा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खासमखास कहलाने वाले पूर्व राज्यसभा सांसद एवं मौजूदा फतेहपुर से आजाद उम्मीदवार कृपाल परमार की नाराजगी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का फोन भी दूर नहीं कर पाया।
फतेहपुर से नूरपुर से चुनाव लड़ते आ रहे राकेश पठानिया को टिकट दिए जाने से कृपाल परमार काफी नाराज चल रहे हैं तथा इस बार सरेआम बगावत करते हुए आजाद उम्मीदवार मैदान में उतर आए हैं।
कृपाल परमार को हिमाचल प्रदेश के शीर्षस्थ नेतृत्व ने मनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी लेकिन कृपाल परमार की नाराजगी दूर नहीं हुई। आखिरकार रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं नाराज चल रहे कृपाल परमार को फोन किया तथा राकेश पठानिया का समर्थन करने को कहा, लेकिन इस बार यह भी काम नहीं आया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह भी कहा कि आप भाजपा को जितवाओ, हमने आपके लिए भी बहुत कुछ सोच कर रखा है। इसके बाद कृपाल परमार ने यही जवाब दिया कि अगर दो दिन पहले कहा होता, तो सोचता, लेकिन अब तो चुनाव निशान भी मिल गए हैं।
कृपाल परमार ने फोन पर भावुक होकर यही कहा कि मुझे इनसाफ दो। मेरा क्या कसूर था कि मुझे टिकट देने की बजाय नूरपुर के विधायक को फतेहपुर से टिकट दिया गया। इसके साथ ही फोन कट गया।
