
नूरपुर – देवांश राजपूत
चक्की रेल पुल के एक हिस्से के क्षतिग्रस्त होने के कारण बंद पड़ी कांगड़ा घाटी रेल को फिर से शुरू करने की कवायद तेज हो गई है। रेलवे पठानकोट-जोगेंद्रनगर ट्रैक में नूरपुर रोड से पपरोला तक रेल यातायात शुरू करने के प्रयास में है, ताकि यातायात के लिए रेलवे पर आश्रित लोगों को सुविधा उपलब्ध हो सके।
रेलवे ने इसके लिए बाकायदा पपरोला से लेकर नगरोटा सूरियां तक ट्रायल भी किया है। यह रेलमार्ग बरसात के कारण करीब दो महीने से बंद है। ऐसे में रेल इंजन के माध्यम से ट्रैक को रेलवे विभाग चेक कर रहा है।
रेलवे विभाग के कर्मचारी धरातल पर उतरकर पुल और ट्रैक का चप्पे-चप्पे में निरीक्षण कर रहे हैं। नूरपुर रोड में रेल इंजन व ट्रेन के लिए अस्थायी व्यवस्था बनाने के लिए काम चल रहा है।
पपरोला से नगरोटा सूरियां के बीच भी शुरू हो सकता है यातायात
रेलवे विभाग इस अस्थायी व्यवस्था से पहले पपरोला से नगरोटा सूरियां के बीच भी रेल यातायात शुरू कर सकता है। तीन दिन पहले हुए ट्रायल की रिपोर्ट ठीक रही है लेकिन ट्रैक के बीच बरसात के कारण कुछ प्वाइंट में दिक्कत पाई गई थी जिसे दुरुस्त किया जा रहा है। ऐसे में संभावना है कि 15 अक्टूबर तक विभाग पपरोला से लेकर नगरोटा सूरियां या नूरपुर रोड के बीच दो-दो ट्रेनों को शुरू कर सकता है।
यह रह सकती है व्यवस्था
दोनों ट्रेनें अप-डाउन चलेंगी यानी दो पपरोला से जाएंगी और दो ही नूरपुर रोड से वापस आएंगी। मौजूदा समय में ट्रैक में यातायात पूरी तरह से बाधित है। इस कारण कई गांवों के लोगों को परेशानी हो रही है जो पूरी तरह से रेल यातायात पर आश्रित हैं।
रेलवे कुछ हिस्से में ट्रेन चलाने के लिए प्रयासरत
डीआरएम फिरोजपुर डा. सीमा शर्मा का कहना है रेलवे का प्रयास है कि ट्रैक के कुछ हिस्से में रेलगाड़ियों को चलाया जाए। इसके लिए काम शुरू कर दिया है। बाकायदा ट्रैक का ट्रायल भी किया है। बरसात से कुछ दिक्कत आ रही है। उम्मीद है जल्द सब ठीक होगा और जल्द कुछ ट्रेनों को शुरू किया जाएगा।
