हिमाचल में चेहरे की तलाश में भटक रही कांग्रेस

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नौ दिग्गज नेताओं में टकराव, उम्र और तजुर्बे पर छिड़ी है बहस, अब तक वीरभद्र सिंह के इर्द-गिर्द ही रही है कांग्रेस की राजनीति

शिमला-जसपाल ठाकुर

कद्दावर नेताओं की दमदार मौजूदगी ने जाहिर कर दिया है कि प्रदेश कांग्रेस में चेहरे की तलाश आसान नहीं है। नेताओं की फेहरिस्त में सिलसिलेवार अब ऐसे नाम जुड़ चुके हैं, जिन्हें अनदेखा करना आगामी चुनावों के लिए शुभ नहीं होगा। केंद्र से भले ही बिना चेहरे के चुनाव में उतरने की बात कही जा रही हो, लेकिन प्रदेश का अपना इतिहास इस बात से इत्तेफाक नहीं रखता है।

यहां शुरू से ही कांग्रेस की राजनीति पूर्व मुख्यमंत्री स्व. वीरभद्र सिंह के इर्द-गिर्द घूमती रही है, तो भाजपा के लिए भी पहले शांता कुमार और फिर प्रेम कुमार धूमल राजनीतिक चेहरा रहे हैं। पिछले चुनाव में कांग्रेस की तर्ज पर ही भाजपा ने बिना किसी सीएम चेहरे के चुनाव लडऩे का ऐलान किया था, लेकिन चुनाव आने तक पार्टी कार्यकर्ताओं में इतना भटकाव आ गया कि केंद्रीय नेतृत्व को पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल को मुख्यमंत्री का चेहरा बनाना पड़ा।

हालांकि बाद में वह खुद ही अपना चुनाव जरूर हार गए। अब कांग्रेस में खालीपन वीरभद्र सिंह के चले जाने के बाद पनपा है। इसके बाद हुए उपचुनाव में पार्टी ने बड़ी जीत दर्ज जरूर की है और अब इसे बिना किसी चेहरे की जीत बताया जा रहा है, लेकिन इस दौरान वीरभद्र सिंह पूरी तरह से चुनाव का केंद्र रहे और पार्टी नेताओं ने श्रद्धांजलि के रूप में लोगों से मतदान का आह्वान किया था। फिलहाल मौजूदा समीकरणों पर गौर करें तो दिसंबर में राज्य अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर का कार्यकाल खत्म हो चुका है।

अब कांग्रेस के पास नौ नेता ऐसे हैं, जिन पर दांव खेला जा सकता है। कांग्रेस में इस समय नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्रिहोत्री, सांसद प्रतिभा सिंह, पूर्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर, पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू, डलहौजी की विधायक आशा कुमारी, पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा, विधायक राजेंद्र राणा, पूर्व मंत्री राम लाल ठाकुर और पूर्व विस अध्यक्ष गंगू राम मुसाफिर वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं। इनमें से किसी एक का नाम अध्यक्ष पद के तौर पर तय हो सकता है। दिग्गज नेताओं के लिए उम्र आड़े आ सकती है।

कुछ उम्र में, तो कुछ तजुर्बे में भारी

कांग्रेस में भी उम्र को लेकर राष्ट्र स्तर पर बड़ी बहस होती रही है। कांग्रेस में प्रदेशाध्यक्ष 50 से 60 वर्ष की आयु के बीच तय हो सकता है। अगर उम्र के इस फार्मुले पर कांग्रेस काम करती है तो मुकाबले में नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्रिहोत्री, सुखविंद्र सिंह सुक्खू, विधायक राजेंद्र राणा और पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा रह जाएंगे।

अगर उम्र पर बात करें तो मुकेश अग्रिहोत्री की उम्र 60 वर्ष, प्रतिभा सिंह की उम्र 66, आशा कुमारी 67, कौल सिंह ठाकुर 77, सुखविंद्र सिंह सुक्खू 58, राजेंद्र राणा 56, रामलाल ठाकुर 71 वर्ष, सुधीर शर्मा 50 वर्ष और गंगू राम मुसाफिर की उम्र 77 वर्ष है। हालंाकि कांग्रेस में चेहरे की तलाश पर कयास का दौर जारी है

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