हिमखबर डेस्क
प्रदेश हाईकोर्ट ने 25 अप्रैल 2026 के प्रैस नोट के अनुसार शास्त्री अध्यापकों की भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। इस प्रैस नोट में शास्त्री/संस्कृत अध्यापकों के पद पर ट्रेनी बेसिस पर नियुक्त किए जाने वाले उम्मीदवारों की जिलेवार सिलैक्शन लिस्ट अधिसूचित की गई है।
न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर और न्यायाधीश रंजन शर्मा की खंडपीठ ने याचिकाकर्त्ता डिंपल बाला व अन्य द्वारा दायर याचिका की प्रारंभिक सुनवाई के पश्चात ये आदेश जारी किए। कोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश दिए कि वह अगले आदेशों तक 11 अक्तूबर 2023 के सर्कुलर, जिसे पहले ही हाईकोर्ट द्वारा निरस्त किया जा चुका है, के अनुसार नियुक्ति न दे और 25 अप्रैल 2026 के प्रैस नोट के जरिए अधिसूचित किए गए चुने हुए अभ्यर्थियों को नियुक्त न करें।
याचिकाकर्त्ताओं ने 2023 में आयोजित भर्ती प्रक्रिया के आधार पर बीएड अभ्यर्थियों को शास्त्री पद पर नियुक्ति देने की प्रक्रिया को चुनौती दी है। हाईकोर्ट ने आदेशों में स्पष्ट किया कि इससे पहले 30 दिसम्बर 2024 को सीडब्ल्यूपी नंबर 9010/2023 (हेमंत शर्मा बनाम राज्य सरकार) मामले में 11 अक्तूबर 2023 का संबंधित सर्कुलर रद्द किया जा चुका है। इसके बावजूद उसी आधार पर भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाना प्रथम दृष्टया अवैध और अनुचित प्रतीत होता है।
कोर्ट ने कहा कि जब सर्कुलर पहले ही रद्द हो चुका है, तो उसके आधार पर की जा रही कार्रवाई सही नहीं ठहराई जा सकती। याचिकाकर्त्ताओं का कहना है कि राज्य सरकार पहले से रद्द किए गए 11 अक्तूबर 2023 के सर्कुलर के हिसाब से शास्त्री/संस्कृत अध्यापकों की नियुक्ति के साथ आगे बढ़ने जा रही है, जैसा कि तारीख 25 अप्रैल के प्रैस नोट से साफ है, जिसके तहत ट्रेनी बेसिस पर शास्त्री/संस्कृत टीचर के पद पर नियुक्त किए जाने वाले उम्मीदवारों की जिलेवार सिलैक्शन लिस्ट नोटिफाई की गई है।

