
शाहपुर – नितिश पठानियां
जिला कांगड़ा के विधानसभा क्षेत्र शाहपुर का एक गांव ऐसा भी है जो आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित है।
धारकंडी वोह का बातूनी गांव के 300 से अधिक लोग आज भी सड़क, बिजली, पानी और मोबाइल नेटवर्क जैसी मूलभूत सुविधाओं का इंतजार कर रहे हैं।
सुविधाएं नहीं मिलने के कारण गांव की न तो तस्वीर बदली और न ही यहां बसे लोगों की तकदीर। यहां पर बसे गद्दी समुदाय के लोगों ने सोचा था कि अब इलाके का तेजी से विकास होगा, लेकिन उनका ये सपना सपना ही रह गया।
इसी कारण इस गांव के दर्जन से अधिक परिवार समतल इलाके में पलायन कर चुके हैं। ग्रामीणों ने बताया कि सभी समस्याएं विधायक के समक्ष कई बार रख चुके हैं लेकिन आज तक इन समस्याओं के लिए आश्वसन के सिवाय कुछ और नहीं मिला।
चार किलोमीटर दूर है सड़क, पालकी पर उठाकर पहुंचाते हैं मरीज
यह क्षेत्र मुख्य सड़क मार्ग से दूर है। अगर कहीं पर गांव में कोई व्यक्ति बीमार हो जाए तो उसे पालकी पर उठाकर मुख्य सड़क मार्ग तक लाना पड़ता है।
गांव के लोगों अनिल कुमार, तिलक राज, चैन सिंह, राहुल,पवन, अभिलेश, प्रशोतम सिंह,बकील सिंह, मेजर, देशराज,सुभाष चंद, काका राम, सुशील कुमार, काला राम,लाट, केवल सिंह, संजीव ने बताया कि अगर गांव में कोई गंभीर रूप से बीमार पड़ जाता है तो उसे पालकी पर उठा कर चार किलोमीटर दूर पक्की सड़क तक ले जाना पड़ता है।
बतूनी, खार, कुट, दबड़ गांव में करीब 40 घर हैं और 300 से ज्यादा लोग रहते हैं। लेकिन उनके लिए अभी तक सड़क सुविधा नहीं है।
गद्दी समुदाय वाले इस गांव के लोगों को पीने के पानी के लिए भी नाले में जाना पड़ता है। गांव के लोग लंबे समय से सड़क, बिजली, पानी और मोबाईल नेटवर्क जैसी बुनियादी सुविधाओं की कई बार गुहार लगा चुके हैं, लेकिन शासन-प्रशासन की ओर से सुनवाई नहीं की गई है।
